डिबाई विधानसभा उत्तर प्रदेश चुनाव की सबसे चौचक और रोचक विधान सभाओं में से एकहैं. डिबाई विधानसभा उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले का हिस्सा है. बुलंदशहर यानीनरौरा परमाणु विद्युत केंद्र का जिला. खुर्जा की खूबसूरत पॉटरी भी इसी जिले काहिस्सा है. गोविंद बल्लभ पंत से भी पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने नवाबछतारी भी इसी जिले से थे और बाबू बनारसी दास भी बुलंदशहर से रहे हैं.कुछ बात करने से पहले 2012 चुनावों में डिबाई विधान सभा का हाल जान लीजिए2012 चुनाव 1. भगवान् शर्मा (सपा) 62969 वोट 2. राजवीर सिंह (जनक्रांति पार्टी)59372 वोट 3. विनोद उपाध्याय (बसपा) 38160 वोट 4. चरण सिंह (निर्दलीय) 5093 वोटकिस्सा2016 में राज्य सभा के लिए सपा के दो विधायकों ने भाजपा के लिए क्रॉस वोटिंग की थी.डिबाई सीट से भगवान शर्मा और शिकारपुर सीट से उनके भाई मुकेश पंडित. दोनो सपा मेंअपनी उपेक्षा से नाराज़ थे. सपा छोड़कर भाजपा में जाने की फिराक में थे और ऐसा कियाभी.भगवान शर्मा उर्फ गुड्डू पंडित करियर की शुरुआत में उत्तर प्रदेश के बाहुबली नेताअमरमणि त्रिपाठी के ड्राइवर हुआ करते थे. पंडित ने मधुमिता शुक्ला मर्डर केस मेंअमरमणि के खिलाफ गवाही भी दी थी. अमरमणि की ही तरह गुड्डू ने दल बदल की सियासत कीहै. 2007 में बसपा के टिकट पर चुनाव जीते और 2012 में सपा के टिकट पर. 2017 के लिएभी दोनों भाइयों ने सपा में बात न बनते देख भाजपा में टिकट की दावेदारी की. दोनो कोउम्मीद थी कि भाजपा से टिकट मिल जाएगा.भाजपा की लिस्ट में जब नाम नहीं मिला तो गुड्डू भैया के आंसू छलक आए. जनता औरमीडिया को दुखड़ा सुनाया. इसके बाद उन्होंने रालोद से टिकट की गुज़ारिश की जो मानली गई. स्थानीय लोगों के अनुसार उन्हें इसका नुक्सान उठाना पड़ सकता है.आंसू बहाते हुए गुड्डू पंडितडिबाई का जातीय गणितडिबाई विधानसभा क्षेत्र के जातीय आंकड़ों की बात करें, तो यहां लोध राजपूत मतदाताओंकी संख्या सबसे अधिक करीब 92,000 है, जो निर्णायक साबित होती है. इसके अलावामुस्लिम मतदाताओं की संख्या 38,000, क्षत्रिय 16,000 और जाट मतदाताओं की लगभग18,000 संख्या है. इसी वजह से लोधियों के नेता माने जाने वाले पूर्व मुख्यमंत्रीकल्याण सिंह का यहां की राजनीति में खासा दखल है.2017 में डिबाई से रालोद ने गुड्डू पंडित को टिकट दिया है. गुड्डू पंडित के बारेमें हम आपको बता ही चुके हैं.भाजपा से डॉ अनीता लोधी राजपूत को टिकट मिला है. अनीता का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहींहै. डिबाई सीट लोधी बाहुल्य है और भाजपा के कद्दावर नेता पूर्व मुख्यमंत्री कल्याणसिंह का गढ़ मानी जाती है.अनीता लोधी राजपूतसपा ने हरीश लोधी को प्रत्याशी घोषित कर दिया है. हरीश लोधी भाजपा छोड़ सपा मेंशामिल हुए हैं. हरीश लोधीइस चुनाव में जाति के आधार पर कितना वोट पड़ेगा इसका पता तो नतीजे आने पर ही पताचलेगा. हमारी दो टीमें हीरा और मोती आप तक चुनाव की सबसे चौकस और चौचक कवरेज लेकरआएगी, साथ बने रहिएगा.नमूना देखिएगा? अभी बहुत कुछ है आपके लिए https://www.youtube.com/watch?v=qk0alksFn7o--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ें :मधुमिता शुक्ला: जिसके क़त्ल ने पूर्वांचल की राजनीति को बदल दियायूपी का वो मुख्यमंत्री जिसके आम पूरी दुनिया में फर्स्ट प्राइज लाए थेयूपी का वो मुख्यमंत्री जिसे जामुन के पेड़ से बांधकर पीटा गया था