एक हैं डीन एल्गर. दूसरे विराट कोहली. फिर रविचंद्रन अश्विन और उनके बाद केएलराहुल. ये चार लोग मिलकर 13 जनवरी को केपटाउन में माहौल गर्म कर गए. और गर्मी भीऐसी, कि इसका ताप इंडियन सोशल मीडिया तक देखा और सुना गया. बात साउथ अफ्रीका कीदूसरी पारी के 21वें ओवर की है. अश्विन अन्ना बोलिंग कर रहे थे. ओवर की चौथी गेंद.एल्गर विकेट के आगे पकड़े गए. गेंद की हाइट एल्गर के घुटने के नीचे थी. अंपायर नेतुरंत ही आउट दे दिया. लेकिन एल्गर ने बिना वक्त गंवाए DRS लिया और यहीं से साराबवाल शुरू हो गया. DRS में बॉल ट्रैकिंग के जरिए पता चला कि गेंद स्टंप के ऊपर सेजा रही थी. # Dean Elgar DRS Controversy फैसला पलट गया. और ऐसा होते ही भारत केलोग भड़क गए. लेकिन उनके रिएक्शन से पहले अंपायर मरे इरास्मस का रिएक्शन आ गया.इरास्मस ने बॉल ट्रैकिंग देखते ही कहा, 'यह असंभव है.' इस आवाज के साथ टीवी पर जोविजुअल दिखे वो और खतरनाक थे. विराट कोहली गुस्से में चीखते दिख रहे थे. और फिरमाइक पर तीन आवाजें आईं. रविचंद्रन अश्विन होस्ट ब्रॉडकास्टर के लिए कहते सुनाईदिए, 'सुपरस्पोर्ट तुम्हें जीत के लिए और बेहतर तरीके खोजने चाहिए.' तो कोहली खुदचलकर स्टंप तक गए और ऑस्ट्रेलिया वाले बॉल टैम्परिंग के मामले का रेफरेंस देते हुएबोले, 'सिर्फ विपक्षियों पर फोकस रखने के साथ अपनी टीम पर भी फोकस रखो, हमेशा लोगोंको पकड़ने के चक्कर में ही रहते हो, बहुत अच्छे DRS, बहुत अच्छे. निश्चित रूप सेDRS यहां निष्पक्ष खेल करा रहा है.'Thread of conversations picked up from stump mic post Elgar's successful review(lbw against Ashwin) #SAvINDOnfield umpire Marias Erasmus: That is impossible — Cricbuzz (@cricbuzz) January13, 2022 तो वहीं केएल राहुल ने कहा, '11 लोगों के खिलाफ पूरा देश खेल रहा है.'राहुल के ओपनिंग जोड़ीदार मयंक कहते सुने गए, 'ये अच्छा नहीं है. आप अब खेल को खराबकर रहे हो, खेल को खराब कर रहे हो.' इस पूरे विवाद पर सोशल मीडिया में भी काफीचर्चा हुई. लोगों ने इस फैसले को वैसे ही हैरानी से देखा जैसे सेंचुरियन टेस्ट मेंमयंक अग्रवाल के खिलाफ आए फैसले को देखा था. एल्गर के मामले में जहां लोगों कामानना था कि गेंद किसी हाल में स्टंप से ऊपर नहीं जा सकती थी, तो मयंक का मामलाउल्टा था. वहां गेंद की हाइट कहीं से भी इतनी नहीं लग रही थी कि वह स्टंप सेटकराती. साथ ही वह गेंद लेग स्टंप छोड़ती भी मालूम पड़ रही थी. दोनों ही मामलों मेंअंपायर इरास्मस थे और दोनों ही बार उनका फैसला पलटा गया. हालांकि इस पूरी बहस मेंकई लोग ऐसे भी थे जिनका मानना था कि कोहली एंड कंपनी को ऐसा व्यवहार नहीं करनाचाहिए था.