आरोन फिंच. T20 वर्ल्ड कप जीतने वाली पहली ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट टीम के कप्तान. फिंचकी कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया ने T20 World Cup 2021 Final में न्यूज़ीलैंड को आठविकेट से परास्त कर पहली बार T20 वर्ल्ड कप जीता. यह ओवरऑल ऑस्ट्रेलिया की आठवींICC ट्रॉफी है. टीम ने इससे पहले पांच वनडे वर्ल्ड कप और दो चैंपियंस ट्रॉफी जीतीथी. T20 वर्ल्ड कप फाइनल में टॉस जीतकर फिंच ने पहले बोलिंग का फैसला किया.ऑस्ट्रेलियाई बोलर्स के आगे न्यूज़ीलैंड की शुरुआत बहुत अच्छी नहीं रही. टीम नेसेमीफाइनल के हीरो डैरिल मिचेल को सस्ते में गंवा दिया. और फिर केन विलियमसन औरमार्टिन गप्टिल ने बेहद धीमे-धीमे रन बनाए. पहले 10 ओवर्स के बाद न्यूज़ीलैंड केनाम सिर्फ 57 रन थे. हालांकि इसके बाद केन विलियमसन ने गियर बदला. और आखिरकारन्यूज़ीलैंड ने 20 ओवर्स में 172 रन बना दिए. विलियमसन के नाम 48 गेंदों पर 85 रनरहे. जबकि ऑस्ट्रेलिया के लिए जोश हेज़लवुड ने तीन विकेट निकाले. जवाब मेंऑस्ट्रेलिया की शुरुआत भी बहुत अच्छी नहीं रही. उन्होंने सिर्फ 15 रन पर कप्तानआरोन फिंच को खो दिया. # Finch Reaction लेकिन इसके बाद डेविड वॉर्न और मिच मार्शने मिलकर ऑस्ट्रेलिया को जीत के बेहद क़रीब पहुंचा दिया. वॉर्नर 53 रन बनाकर आउटहुए. जबकि मिच मार्श 77 और ग्लेन मैक्सवेल 28 रन बनाकर नाबाद लौटे. इस जीत से बेहदखुश कैप्टन फिंच ने मैच के बाद कहा, 'T20 वर्ल्ड कप जीतने वाली पहली ऑस्ट्रेलियनटीम बनना बहुत बड़ी बात है. लड़कों ने इस कैम्पेन में जो प्रदर्शन किया उसपर बहुतगर्व है. बांग्लादेश के खिलाफ हुआ मैच निश्चित रूप से टर्निंग पॉइंट था. हम लोगबुरी हार में थे. हमें लड़ना था और हम लड़े भी. टीम और व्यक्तिगत तौर पर कुछ अच्छीपरफॉर्मेंस हुई. भरोसा नहीं होता कि लोग कुछ हफ्ते पहले वॉर्नर को चुका हुआ करार देरहे थे. यह लगभग भालू को कोंचने जैसी हरकत थी.' इस वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया केलेग स्पिनर एडम ज़ाम्पा ने भी बेहतरीन प्रदर्शन किया. उनकी तारीफ करते हुए फिंच नेकहा, 'मेरे लिए ज़ाम्पा प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट हैं. उन्होंने गेम को कंट्रोल किया,बड़े विकेट निकाले. कमाल के प्लेयर. मिच मार्श ने कमाल की शुरुआत की, शुरू से हीन्यूज़ीलैंड पर प्रेशर डाला. मैथ्यू वेड चोट के हाल में आए और अच्छा प्रदर्शन किया.उन्होंने मार्कस स्टोइनिस के साथ मिलकर सेमीफाइनल में हमारी नैया पार लगाई.' मैच केबाद फिंच ने प्रेस-कॉन्फ्रेंस में भी वॉर्नर की तारीफ की. जब उनसे पूछा गया कि बुरीफॉर्म के बाद भी वॉर्नर को क्यों सपोर्ट किया. पूछने वाले ने यहां तक बोल दिया किकिसी को उम्मीद नहीं थी कि वॉर्नर मैन ऑफ द टूर्नामेंट बनेंगे. जवाब में फिंच नेकहा, 'आपको उम्मीद नहीं थी? मुझे पूरी उम्मीद थी. वादा करता हूं इसमें एक भी शब्दझूठ नहीं है- मैंने कुछ महीने पहले ही लैंगर को फोन करके बोला था- डेवी की चिंता नाकरो, वह मैन ऑफ द टूर्नामेंट रहेगा. मैं व्यक्तिगत तौर पर सोचता हूं कि ज़ाम्पा कोमैन ऑफ द मैच होना चाहिए था, लेकिन वह एक कमाल का प्लेयर है. वह सर्वकालिक महानतमबैटर्स में से एक है. और वह एक फाइटर है. वह ऐसे लोगों में से है जो अपने सबसे बुरेवक्त में, जब लोग उन्हें चुका हुआ मान लेते हैं, तब अपना बेस्ट देते हैं. यह वॉर्नरके लिए टूर्नामेंट की स्पेशल फिनिश थी.' बता दें कि डेविड वॉर्नर को मैन ऑफ दटूर्नामेंट जबकि ताबड़तोड़ फिफ्टी मार ऑस्ट्रेलिया को जीत दिलाने वाले मिचेल मार्शको मैन ऑफ द मैच चुना गया.