डेरिल मिचेल वो छुपारुस्तम हैं, जिनके आंकड़े ही सब बयां कर देते हैं!
न्यूजीलैंड के नंबर 4 बैटर Darly Mitchell के आंकड़े हर फॉर्मेट में शानदार हैं. लेकिन, इसके बावजूद उनकी इतनी बात नहीं होती, जितनी Travis Head, Harry Brook और Babar Azam की होती है.
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30 साल की उम्र में डेब्यू. अमूमन इस उम्र तक क्रिकेटर अपनी प्राइम पर होता है. 35 साल तक तो वो अपनी ढलान पर पहुंच जाता है. लेकिन, 35 साल के डेरिल मिचेल (Daryl Mitchell) 2026 में जो कर रहे हैं, वो एक क्रिकेटर के लिए संभव नहीं है. वो सिर्फ अलग-अलग फॉर्मेट में सर्वाइव नहीं कर रहे हैं, बल्कि डोमिनेट कर रहे हैं. साथ ही वो खुद को ऐसे रिइनवेंट कर रहे हैं, जैसे कोई मेथड एक्टर हों. लेकिन, अगर आप उनके आंकड़े देखोगे तो वो एक जेनरेशनल टैलेंट का दिखेगा. लेकिन, जितनी बात ऐसे आंकड़े वाले बाकी क्रिकेटर्स की होती है, मिचेल की नहीं होती.
मिचेल की एक और खास पारीभारत के खिलाफ तो वो ऐसे दिखते हैं, जैसे सेंचुरी से पहले वो आउट ही नहीं हो सकते. इस बार ODI सीरीज में भी वो बिल्कुल ऐसे ही नज़र आ रहे हैं. वडोदरा में हुए पहले ODI में 84, राजकोट में हुए दूसरे ODI में नाबाद 131 और अब इंदौर में चल रहे तीसरे ODI में उन्होंने 137 रन बना दिए हैं. ये भारत के खिलाफ उनकी चौथी सेंचुरी है. उन्होंने इससे पहले, 2023 ODI वर्ल्ड कप में दो बार और इस सीरीज राजकोट में एक सेंचुरी लगा चुके हैं. कमाल की बात ये है कि चारों सेंचुरी उन्होंने भारत में ही लगाई है. ये लगातार 5वीं बार है, जब उन्होंने भारत के खिलाफ 50+ का स्कोर किया है.
हर फॉर्मेट में जबरदस्त हैं आंकड़ेऐसा नहीं है कि मिचेल को सिर्फ भारत के खिलाफ भारत में खेलना भाता है. 2021 से अगर उनके आंकड़ें देखें तो हर फॉर्मेट में उनकी कंसिस्टेंसी लाजवाब है. टेस्ट में जहां मिचेल ने 2021 से 43.6 के औसत से 2051 रन बनाए हैं. ODI में उन्होंने 55.2 के औसत और 95 के स्ट्राइक रेट से 2500 रन बनाए हैं. वहीं, T20I में उन्होंने 29 के औसत और 140.2 के स्ट्राइक रेट से 1571 रन जड़े हैं. हम ऐसे प्लेयर की बात कर हरे हैं, जिसने ODI में 55 और टेस्ट में 43 के औसत से रन बनाए हों और T20I में 140 का स्ट्राइक रेट रखता हो. इस दशक ये कारनामा करने वाले सिर्फ ट्रेविस हेड, हैरी ब्रूक और बाबर आजम ही हैं. लेकिन, जितनी बात इन क्रिकेटर्स की होती है. मिचेल की नहीं होती है. अगर ये जानकर हैरान हो जाएंगे कि मिचेल ने ओपनिंग से लेकर नंबर 7 तक लगभग हर स्लॉट पर बैटिंग की है. हर स्लॉट में उनका औसत 50+ का ही रहा है.
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आंकड़े तो सिर्फ ऊपर की बातें बताते हैं. असली कहानी 10 साल की उस जर्नी की है. जब डेरिल मिचेल न्यूजीलैंड के घरेलू सर्किट में 2011 से 2019 तक पसीना बहा रहे थे. हर दिन ये सवाल पूछते होंगे कि क्या वो उतने काबिल हैं? जरा सोचिए. जब उनके हम उम्र खिलाड़ी टीनेज प्रोडिजीज माने जा रहे थे. वो रात-रातभर अपने घर की छत निहारते ये सोच रहे होंगे कि क्या कभी ब्लैककैप्स के लिए खेलने का उनका सपना पूरा भी होगा या नहीं. कहीं ये सपना सिर्फ सपना ही तो नहीं रह जाएगा. ऐसे भी मुकाम आए होंगे, जब उन्होंने खुद पर सवाल उठाए होंगे कि क्या मैं टीम में शामिल होने लायक भी हूं या नहीं.
क्यों खास है मिचेल की ये जर्नी?न्यूजीलैंड को शुरुआत में उनमें एक ऐसा बॉलर दिखा, जो बैटिंग भी कर सकता हो. अब जब आप उसके बारे में सोचेंगे तो लगेगा कि उन्होंने खुद को कितना तपाया है. उनके ट्रांसफॉर्मेशन की शुरुआत 2021 T20 वर्ल्ड कप से हुई. उन्हें ओपन करने के लिए कहा गया. सेमीफाइनल तो याद ही होगा? 3 ओवर में 57 रन. उन्होंने मैच को वहीं खत्म कर दिया था. इसके बाद तो जैसे वो टेस्ट में इंग्लैंड के पर्सनल नाइटमेयर बन गए हों. पहले ही इंग्लैंड दौरे पर उन्होंने 3 टेस्ट में 3 सेंचुरी लगा दी. अब वो ODI में न्यूजीलैंड के मिडिल ऑर्डर की जान हैं. लेकिन, पिछले कुछ समय में उन्होंने जिस अंदाज में बैटिंग की है, उन्होंने केन विलियमसन की कमी नहीं महसूस होने दी है.

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स्पिन के खिलाफ की है खूब मेहनतलेकिन, सबसे बड़ा इवॉल्यूशन ये नहीं है. वो स्पिन के खिलाफ उनकी बैटिंग है. डोमेस्टिक क्रिकेट में जिन्होंने भी उन्हें फॉलो किया होगा, उन्हें ये पता होगा कि स्पिन के खिलाफ वो कितने क्लूलेस नज़र आते थे. अब वो कुलदीप यादव को ऐसे खेल रहे हैं, जैसे कुलदीप अंडर आर्म बॉलिंग कर रहे हों. उन्होंने अपनी कमियों को पहचाना. उस पर काम किया और ये इंश्योर किया कि कैसे वो इसे अपनी ताकत बनाएंगे. मिचेल को जो चीज सबसे खास बनाती है, वो नंबर्स नहीं है. बल्कि उनकी भूख है जो उनकी हर पारी में नज़र आती है. वो भूख सिर्फ वही समझ सकता है, जो ये जानता हो कि इस जर्सी को पाने के लिए वो कितना तड़पा है. वो एक लिविंग प्रूफ हैं, जो ये दर्शाते हैं कि जब कोई टैलेंटेड इंसान को देर से मौका मिलता है और वो उसे गंवाना नहीं चाहता तो क्या होता है.
मिचेेल सिर्फ क्रिकेटर्स के लिए आदर्श नहींयुवा क्रिकेटर्स के लिए मिचेल किसी भी रोल में अडैप्ट करने वाले एक मास्टर क्रिकेटर हैं. बाकी सभी के लिए वो एक प्रूफ हैं कि अगर आप सब्र से मेहनत करते हैं और थोड़ा इंतजार करते हैं तो आपको बेस्ट मिलेगा. एक ऐसे युग जहां बात स्पेशलाइजेशन की होती है. डेरिल मिचेल वो इंसान हैं, जो कहते हैं कि मैं सारे फॉर्मेट में ये क्यों नहीं कर सकता? और फिर हर फॉर्मेट में वो करके दिखाते हैं चाहे रोल कोई भी हो, या कोई कितना भी उन पर डाउट करे.
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