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CWG में तो आ गए लेकिन ओलंपिक में ये मेडल पक्का नहीं आयेंगे

बात उन गेम्स की जो पेरिस ओलंपिक्स में होंगे ही नहीं.

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10 अगस्त 2022 (अपडेटेड: 10 अगस्त 2022, 06:12 PM IST)
CWG 2022 Dipika Pallikal and Saurav Ghoshal, Cricket Commonwealth Games
कॉमनवेल्थ गेम्स में दीपिका पल्लीकल और सौरव घोषाल (फोटो - AP)
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Commonwealth Games 2022 टीम इंडिया ने 61 मेडल्स के साथ खत्म किया है. ट्रैक एंड फील्ड से लेकर बॉक्सिंग, रेसलिंग, वेटलिफ्टिंग तक टीम इंडिया ने कई सारे मेडल्स अपने नाम किए है. इस बार कई मेडल्स तो ऐसे गेम्स से भी आए, जिनसे किसी को उम्मीद नहीं थी. और ये प्रदर्शन देखने के बाद अब लोगों की उम्मीदें बढ़ गई हैं. अब लोग पेरिस ओलंपिक्स में भी यही उम्मीद कर रहे हैं.

लेकिन सच कहें तो ये मुश्किल होगा. या नामुमकिन ही समझ लीजिए. और ये बात कपिल देव की मशहूर लाइन ‘मुश्किल तो नहीं होगा, लेकिन टफ जरूर होगा’ भी नहीं बदल पाएगी. और इसका कारण है पेरिस ओलंपिक्स में कड़ी चुनौती होना. साथ ही कई गेम्स ऐसे भी हैं जो वहां होंगे ही नहीं. वैसे तो इस बार ओलंपिक्स में चार नए गेम आए हैं. लेकिन इन चारों गेम्स (ब्रेक डांस, स्पोर्ट क्लाइम्बिंग, स्केटबोर्डिंग और सर्फिंग) में भारत के मेडल आने के चांसेज बहुत कम हैं.

ख़ैर, नए गेम्स से इतर अभी हम उन गेम्स की बात करेंगे, जिनमें भारत ने कॉमनवेल्थ में तो मेडल जीता, लेकिन ओलंपिक्स में नहीं जीत पाएंगे. तो चलिए शुरू करते हैं और सबसे पहले ज़िक्र करते है लॉन बॉल्स का.

# Lawn Bowls 

लॉन बॉल्स. वही गेम जिसको टीम इंडिया के विमिंस फोर्स इवेंट में गोल्ड मेडल लाने से पहले कोई नहीं जानता था. और अब इसको पूरी दुनिया समझ चुकी है. कुछ तो इसे अपना करियर बनाने के इच्छुक भी बन बैठे हैं. तो उनके साथ आप सभी को बता दें, कि इसमें आप इन फ्यूचर कॉमनवेल्थ का मेडल तो ले आओगे, लेकिन ओलंपिक्स का नहीं जीत पाओगे.

और इसका कारण ये है, कि ये गेम पेरिस ओलंपिक्स का हिस्सा ही नहीं है. मतलब सीधे तौर पर ये, कि ना वहां पर ये गेम खेला जाएगा, ना हमारी टीम वहां जाएगी और ना ही मेडल की दावेदारी पेश कर पाएगी.

# क्रिकेट 

इस साल कॉमनवेल्थ गेम्स में क्रिकेट की वापसी हुई. इससे पहले साल 1998 के कॉमनवेल्थ गेम्स में क्रिकेट खेला गया था. लेकिन वो मेंस था. इस बार वापसी के साथ विमेंस क्रिकेट का डेब्यू हुआ. और हमारी टीम इंडिया के लिए कितना शानदार डेब्यू रहा. हमारी टीम फाइनल मैच तक पहुंच गई.

वहां बेशक वो विश्व चैम्पियन ऑस्ट्रेलिया से हार गई हो. लेकिन इसके बावजूद उनके नाम डेब्यू पर ही सिल्वर मेडल रहा. उम्मीद थी कि टीम अगर ओलंपिक्स में जाकर ऐसा खेल दिखाए तो वो मेडल की दावेदार होगी. मगर दुख की बात ये है कि क्रिकेट ओलंपिक्स का हिस्सा है ही नहीं.

# स्क्वॉश

इस गेम का नाम सुनकर आपको झटका जरूर लगा होगा. स्क्वॉश. ये गेम कैसे ओलंपिक्स में नहीं है? लेकिन ये सच है. स्क्वॉश पेरिस ओलंपिक्स का हिस्सा नहीं है. और इसी के साथ इंडिया का इस गेम में ओलंपिक मेडल हासिल करने का सपना भी टूट जाता है. कुछ साल पहले इंडियन स्क्वॉश स्टार जोशना चिनप्पा ने भी इस पर बात की थी.

स्पोर्टस्टार के एस प्रसन्ना वेंकटेशन को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा,

‘मुझे लगता है कि ये एक बैटल है, जिसको हम काफी लम्बे समय से लड़ रहे है. स्क्वॉश को ओलंपिक्स में लेकर जाना. स्क्वॉश का ओलंपिक्स में ना होना एक बात है, लेकिन दूसरे स्पोर्ट्स को जिनके बारे में आप सोचते हो, ‘अरे, ये कैसे आ गया’ अलग बात है. ब्रेकडांसिंग, वॉल क्लाइम्बिंग और बाकी स्पोर्ट्स. ये आपकी समझ से बाहर है.’

कॉमनवेल्थ गेम्स में मेंस सिंगल्स में सौरव घोषाल इंडिया का पहला मेडल लेकर आए थे. दीपिका पल्लीकल के साथ भी मिक्स्ड डबल्स में भी उन्होंने ब्रॉन्ज़ मेडल जीता था. ऐसे में अगर वो ओलंपिक्स में जाते तो भारत के लिए एक मेडल वहां भी पक्का कर सकते थे.

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