रिंकू सिंह के पिता का निधन, ग्रेटर नोएडा के अस्पताल में ली अंतिम सांस
Rinku Singh Father death: रिंकू सिंह के पिता खान चंद्र सिंह उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में एलपीजी गैस सिलेंडर सप्लाई करने का काम करते थे. उनकी कमाई सीमित थी लेकिन परिवर बड़ा था. रोजमर्रा के खर्चे चलाने के लिए भी उन्हें जद्दोजहद करनी पड़त थी. इसके बावजूद उन्होंने कभी मेहनत से समझौता नहीं किया.
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भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता का निधन हो गया है. क्रिकेटर के पिता खानचंद्र सिंह लिवर कैंसर से जूझ रहे थे. 27 फरवरी की सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली. इससे पहले रिंकू सिंह टी20 वर्ल्ड कप से वापस आ गए थे. उन्होंने फैमिली इमरजेंसी का हवाला देकर घर वापसी कर ली थी. अब पिता के निधन के बाद संभव है कि रिंकू सिंह भारत के अगले मैच में शायद टीम का हिस्सा न हों.
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह की तबीयत 23 फरवरी को ज्यादा बिगड़ गई थी. वह ग्रेटर नोएडा के अस्पताल में भर्ती थे. इसी कारण रिंकू बीच टूर्नामेंट कैंप छोड़कर घर आ गए. वह इस समय अपने पिता के साथ रहना चाहते हैं. 26 फरवरी को जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच में उन्होंने हिस्सा नहीं लिया.
गैस सिलेंडर सप्लाई करके बेटे को बनाया क्रिकेटररिंकू के पिता खान चंद्र सिंह उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में एलपीजी गैस सिलेंडर सप्लाई करने का काम करते थे. उनकी कमाई सीमित थी और परिवार बड़ा था. रोजमर्रा के खर्चे चलाने के लिए भी उन्हें जद्दोजहद करनी पड़त थी. इसके बावजूद उन्होंने कभी मेहनत से समझौता नहीं किया. कई बार हालात इतने कठिन हो गए कि रिंकू को भी पिता के साथ सिलेंडर पहुंचाने में मदद करनी पड़ती थी. इसके बावजूद उन्होंने बेटे के क्रिकेट के जुनून को पूरी तरह सपोर्ट किया. रिंकू सिंह कई मौकों पर ये कहते हैं कि उनके पिता कभी खुलकर उनकी तारीफ नहीं करते. लेकिन जब रिंकू बढ़िया खेलते, और लंबे शॉट्स लगाते, तब शायद सबसे ज्या खुश वही होते थे. उनका जाना रिंकू सिंह के लिए बहुत बड़ा पर्सनल लॉस है जिसकी भरपाई करना नाममुमकिन है.
अगर T20 वर्ल्ड कप 2026 की बात करें तो इसमें रिंकू सिंह का अपना प्रदर्शन बहुत अच्छा नहीं रहा है. उन्हें सभी पांच मैचों में बल्लेबाजी का मौका मिला, लेकिन वह कुल मिलाकर केवल 24 रन बना पाए. रिंकू ने अमेरिका के खिलाफ 6, नामीबिया के खिलाफ 1, पाकिस्तान के खिलाफ नाबाद 11 और नीदरलैंड्स के खिलाफ नाबाद 6 रन बनाए. साउथ अफ्रीका के खिलाफ सुपर-8 मैच में वह खाता भी नहीं खोल सके. टीम मैनेजमेंट को रिंकू सिंह के फिनिशर स्किल पर भरोसा है और इसी कारण उन्हें हर मैच में मौका मिला है.
वीडियो: रिंकू सिंह ने टी-20 वर्ल्ड कप के दौरान टीम का साथ क्यों छोड़ा?

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