इंडियन मिडल ऑर्डर का खराब प्रदर्शन जारी है. चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे कीजोड़ी अब भरोसेमंद नहीं रही. लगातार फ्लॉप हो रहे यह दोनों जोहानसबर्ग में चल रहेइंडिया-साउथ अफ्रीका सीरीज के दूसरे मैच में भी कुछ खास नहीं कर पाए. नंबर तीन परउतरे पुजारा ने सिर्फ तीन रन बनाए. जबकि रहाणे तो अपना खाता भी नहीं खोल पाए.पुजारा ने ओलिविर की एक गेंद को आगे आकर डिफेंड करने की कोशिश की. लेकिन पिच सेमिले एक्स्ट्रा बाउंस का फायदा लेते हुए गेंद ने उनकी पारी को खत्म कर दिया. गेंदपुजारा के बल्ले के कंधे के टकराकर सीधे तेम्बा बवुमा की ओर गई. जिन्होंने बेहदआसान कैच पकड़ पुजारा की पारी का अंत कर दिया. जबकि रहाणे अगली ही गेंद को स्लिप केइलाके में खेल कीगन पीटरसन को कैच थमा बैठे. इन दोनों बल्लेबाजों की बैटिंग केतरीके से पूर्व भारतीय ओपनर आकाश चोपड़ा हैरान हैं. उनका मानना है कि दोनों हीबल्लेबाजों ने बहुत आगे आकर खेलने की कोशिश की, और पिच के बाउंस और पेस का अंदाजालगाने में नाकाम रहे. चोपड़ा ने स्टार स्पोर्ट्स पर कहा, 'पुजारा के पास बहुत साराधैर्य और डिफेंड करने की क्षमता है. लेकिन उन्हें दो चीजें परेशान कर रही हैं. पहलीतो रन बनाने की इच्छाशक्ति. वह हाफ वॉली को भी पूरी ताकत से हिट नहीं कर रहे हैं.और हम उनके आउट होने में एक अजब पैटर्न देख रहे हैं. उन्होंने सेंचुरियन टेस्ट कीपहली पारी में लुंगी एनगीडी की गेंद पर बल्ले का किनारा लगाया था. अगर हम उनकेहाथों और गेंद की हाइट को देखें, तो वह जाने क्यों क्रीज की गहराई का फायदा उठानेकी जगह फ्रंट फुट पर खेलने की कोशिश कर रहे हैं. अगर आप हमेशा ही हाथ नीचे रखकर आगेबढ़ेंगे तो साउथ अफ्रीका की पिच पर बोलर्स आपके सामने बोलिंग के मजे लेंगे ही.एक्स्ट्रा बाउंस, नीचे हाथ, आगे आना, यह तबाही का साधन है.' बता दें कि पुजारा नेआखिरी बार 2019 सिडनी टेस्ट में सेंचुरी लगाई थी. वह पिछली 45 पारियों में एक बारभी सेंचुरी नहीं मार पाए हैं. और उनके इस लगातार खराब प्रदर्शन के चलते फ़ैन्सउन्हें टीम से निकाले जाने की मांग कर रहे हैं. हालांकि अभी तक तो मैनेजमेंट औरकप्तान कोहली ने ऐसी हर मांग को नकारा ही है, लेकिन देखने वाली बात होगी कि पुजाराकब तक अपनी जगह बचाए रख पाते हैं.