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रिज़र्व डे पर खुश हो रहे इंडियन फैन्स जान लें ये तो टीम इंडिया के लिए 'श्राप' है!

ICC ने नियम बदल डाला है.

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Virat Kohli. Photo:  AP
विराट कोहली, केएल राहुल. फोटो: AP
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4 नवंबर 2022 (अपडेटेड: 4 नवंबर 2022, 10:30 PM IST)
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T20 विश्वकप 2022 अपने आखिरी पढ़ाव पर आ पहुंचा है. लेकिन ग्रुप स्टेज के आखिरी चार मैच से पहले तक भी सेमीफाइनल की चार में से तीन टीम्स के बारे में पता नहीं चला है. शुक्रवार को न्यूज़ीलैंड की टीम ने आयरलैंड को हराकर अपना स्पॉट सेमीफाइनल के लिए पक्का कर लिया है. लेकिन बाकी तीन टीम्स कौन होंगी. ये बताना अब भी टेढ़ी खीर लग रही है.

वैसे तो ऑस्ट्रेलिया में खेले जा रहे इस T20 विश्वकप में बहुत करीबी मैच देखे गए हैं. लेकिन आखिरी पलों तक भी सेमीफाइनलिस्ट ना मिलने के पीछे की एक छोटी सी वजह ऑस्ट्रेलिया का मौसम भी रहा है. क्योंकि बारिश ने छह टीम्स के एक-एक और एक टीम के दो मैच धो दिए. ऐसे में विश्वकप में कई बड़ी टीम्स सेमीफाइनल से पहले ही बाहर होने की कगार पर आ खड़ी हुई हैं. लेकिन जो हुआ सो हुआ. अब ICC ने एक ऐसा कदम उठाया है. जिससे कम से कम ICC के नॉक-आउट मैचों का मज़ा किरकिरा नहीं होगा.

आज के सिली पॉइंट में हम आपको ICC के उसी बदले नियम के बारे में बताएंगे.

# ICC ने T20 विश्वकप के नियमों में बड़ा बदलाव किया है. अब 09, 10 और 13 नवंबर को खेले जाने वाले नॉक-आउट्स मुकाबलों में अगर बारिश या किसी भी कारण से बाधा आती है तो डकवर्थ लुईस नियम से मैच का फैसला तब होगा. जब बाद में बल्लेबाज़ी करने वाली टीम कम से कम 10 ओवर खेले लेगी. यानि अगर 10 से कम ओवर का मैच ही हो सका तो फिर मैच डे पर मैच का नतीजा नहीं निकलेगा.  

अब आप सोच रहे होंगे कि अरे मैच का नतीजा ही नहीं निकलेगा तो ये अच्छी खबर कैसे हुई. रुकिये ज़रा, वही बताते हैं. यानि जो नियम है उसमें बदलाव किया गया है. T20 इंटरनेशनल में बारिश से खलल पड़ने पर बाद में बैटिंग कर रही टीम के 5 ओवर के खेल के बाद ही डकवर्थ लुईस नियम के आधार पर फैसला निकाला जाता था. लेकिन सेमीफाइनल और फाइनल में ऐसा नहीं होगा. अब ये 10 ओवर कर दिया गया है.

इससे फायदा ये होगा कि डकवर्थ लुईस नियम से स्कोर में होने वाले बहुत बड़ा उलटफर होने की संभावना कम रहेगी. 
इतना ही नहीं इससे भी ज़रूरी बात. 9, 10 और 13 नवंबर को होने वाले इन नॉक-आउट्स डे पर अगर 10 ओवर का खेल भी नहीं होता है तो फिर ट्रॉफी बांटी नहीं जाएगी, ना ही बाउंड्री काउंट टाइप किसी नियम से ट्रॉफी को किसी एक टीम को दे दिया जाएगा.

बल्कि मैच को अगले दिन खेला जाएगा. यानि नॉक-आउट्स मैचों के लिए रिज़र्व डे भी रखे गए हैं. जैसे नौ नवंबर को होने वाला पहला सेमीफाइनल 10 नवंबर को सिडनी में खेला जाएगा. 10 नवंबर को खेला जाने वाला दूसरा सेमीफाइनल 11 नवंबर को एडिलेड में होगा. वहीं 13 नवंबर को होने वाला फाइनल 14 नवंबर को मेलबर्न में होगा.

लेकिन अगर सेमीफाइनल का रिज़र्व डे भी धुल गया तो फिर ग्रुप स्टेज को टॉप करने वाली टीम को सेमीफाइनल का विजेता घोषित कर फाइनल का टिकट दे दिया जाएगा. जबकि फाइनल में अगर शेड्यूल डे पर या रिज़र्व डे पर भी नतीजा नहीं निकला तो फिर दोनों टीम्स को संयुक्त विनर घोषित कर दिया जाएगा.

रिज़र्व डे से भारत का नाता अच्छा नहीं? 
वैसे तो ये सुनने में अच्छा लगता है कि अगर मैच के दिन बारिश हुई तो फिर रिज़र्व डे खेला जाएगा. लेकिन टीम इंडिया के नज़रिये से देखें तो हमारे लिए रिज़र्व डे का इतिहास बहुत अच्छा नहीं रहा है.

साल 2019 इंग्लैंड में हुए क्रिकेट विश्वकप में मैनचेस्टर में नौ जुलाई के दिन एक सेमीफाइनल मैच खेला गया था. भारत-न्यूज़ीलैंड के खिलाफ़ उस सेमीफाइनल में खेला और आधे मैच तक हावी भी दिख रहा था. हमने पहले दिन 46 ओवर में किवी टीम को 211 रन पर रोक लिया था. लेकिन तभी बारिश शुरू हो गई और मैच रिज़र्व डे पर चला गया.

रिज़र्व डे के दिन की एमएस धोनी की रन-आउट होती तस्वीर हमें आज भी अच्छे से याद है. भारत रिज़र्व डे पर न्यूज़ीलैंड से मिले 240 रन के टार्गेट को चेज़ नहीं कर पाया और विश्वकप से बाहर हो गया.

2019 से और पीछे देखें तो ICC के इवेंट चैम्पियन्स ट्रॉफी 2002 में भी भारत को बारिश ने ही रुलाया था. श्रीलंका में खेले गए इस टूर्नामेंट में ज़िम्बाबवे, इंग्लैंड और साउथ अफ्रीका को हराकर भारत फाइनल में पहुंचा. 29 सितंबर को कोलंबो में फाइनल खेलने का दिन तय किया गया. जबकि 30 सितम्बर रिज़र्व डे रखा गया.

भारत ने 29 सितम्बर को श्रीलंका को 244 रन पर रोक दिया. 50 ओवर में हमें 245 रन बनाने थे. लेकिन हमारी पारी के दो ओवर बाद ही बारिश शुरू हो गई और फाइनल डे धुल गया. अब भी उम्मीद थी कि रिज़र्व डे पर हम ट्रॉफी ज़रूर ले जाएंगे. लेकिन उस समय नियम ये था कि अगर बारिश से दिन धुला तो रिज़र्व डे पर मैच फिर से शुरू होगा.

अगले दिन फिर से कोलंबो में श्रीलंका की पहले बैटिंग, भारतीय गेंदबाज़ों ने कमाल की गेंदबाज़ी की और मेज़बान को पहले दिन से कम 222 के स्कोर पर रोक दिया. भारत को जीत की खुशबू आने लगी. लेकिन दूसरे दिन फिर से नौ ओवर के खेल में ही बारिश शुरू हो गई. भारत ने 8.4 ओवर में एक विकेट खोकर 38 रन बना भी लिए थे. लेकिन आगे का मैच नहीं हो सका और सौरव गांगुली ने सनत जयासूर्या के साथ एक हॉल के अंदर जाकर ट्रॉफी शेयर की.

इस बार हम बिल्कुल भी नहीं चाहेंगे कि फाइनल में कोई भी टीम किसी दूसरी टीम के साथ ट्रॉफी शेयर करे. उम्मीद यही रहेगी की दोनों में से कोई एक टीम विजेता बनकर ही लौटे. 

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