RCB दूसरी बार बनी WPL चैंपियन, रिकॉर्ड चेज के दौरान स्मृति-वॉल ने तोड़ा दिल्ली का दिल!
मुंबई इंडियंस के बाद अब RCB ने भी दूसरी बार WPL खिताब अपने नाम कर लिया. 200 से ज्यादा के स्कोर को चेज करते हुए कप्तान Smriti Mandhana ने Georgia Voll के साथ 165 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी की.

दिल्ली कैपिटल्स की कंसिस्टेंसी जबरदस्त है. WPL इतिहास में एकमात्र टीम है, जिसने चारों बार फाइनल में जगह बनाई है. लेकिन, कंसिस्टेंसी ऐसी कि ट्रॉफी अब तक एक भी नहीं जीत पाई है. कप्तान बदल गई. लेकिन, नहीं बदला फाइनल का रिजल्ट.
पहली बार फाइनल में चोक भी नहीं हुए. 203 रन जैसा पहाड़ जैसा टोटल भी बना लिया. लेकिन, स्मृति मंधाना (Smriti Mandhana) और जॉर्जिया वॉल (Georgia Voll) की जोड़ी ने सारे अरमानों पर पानी फेर दिया.
दोनों ने 165 रनों की रिकॉर्ड पार्टनरशिप कर मैच को लगभग एकतरफा कर दिया. अंत में स्मृति के विकेट से मैच में रोमांच आया. लेकिन, राधा यादव ने अंतिम ओवर में दो चौके लगाकर मैच को दो गेंद रहते खत्म कर दिया.
WPL में ये अब तक का ये सबसे बड़ा सफल रन चेज रहा. RCB ने इसी के साथ दूसरी बार WPL खिताब जीता है. इससे पहले, 2024 में भी टीम खिताब जीतने में सफल रही है. 2023 और 2025 का डब्ल्यूपीएल सीजन मुंबई इंडियंस (MI) ने अपने नाम किया था.
स्मृति की कप्तानी पारी200+ के टारगेट के चेज में RCB की शुरुआत अच्छी नहीं रही. उसने ग्रेस हैरिस (9 रन) का विकेट सस्ते में गंवा दिया. हैरिस को शिनेल हेनरी ने बोल्ड किया. यहां से स्मृति मंधाना और जॉर्जिया वॉल ने जबरदस्त बैटिंग की. वॉल और स्मृति के बीच दूसरे विकेट के लिए 92 बॉल्स पर 165 रनों की पार्टनरशिप हुई. यह WPL में किसी विकेट के लिए सबसे बड़ी पार्टनरशिप रही. वॉल ने 54 बॉल्स पर 79 रन बनाए. इस दौरान उन्होंने 14 चौके लगाए. वॉल के आउट होने के बाद ऋचा घोष क्रीज पर उतरीं, लेकिन वो सिर्फ 6 रन बनाकर चलती बनीं.
अब स्मृति मंधाना पर पूरी जिम्मेदारी थी कि टीम को जीत की दहलीज के पार पहुंचाएं. लेकिन, 87 रनों की उनकी शानदार इनिंग्स भी 19वें ओवर में खत्म हो गई. शिनेल हेनरी ने उन्हें भी बोल्ड कर दिया. इससे पहले, स्मृति ने महज 41 बॉल्स पर 87 रन जड़ दिए. इस दौरान उन्होंने 12 चौके और तीन छक्के लगाए.
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अंतिम ओवर का रोमांचआखिरी ओवर में RCB को जीत के लिए 10 रन चाहिए थेे. स्ट्राइक पर थीं राधा यादव. उन्होंने पहली गेंद पर सिंगल लिया. अब स्ट्राइक पर नदीन डिक्लार्क आ गईं. फैंस बाउंड्री की उम्मीद कर रहे थे. लेकिन, वो सिंगल ही ले सकीं. अब 4 बॉल्स पर RCB को 8 रन चाहिए थे. दोनों टीम बहुत नर्वस नज़र आ रही थी. लेकिन, अच्छी बात ये थी कि राधा ने प्रेजेंस ऑफ माइंड दिखाया.
दिल्ली की कप्तान जेमिमा ने लेग साइड की फील्ड लगा रखी थी. ऑफ की सारी फील्डर्स 30 यार्ड सर्किल में थीं. फिर क्या था. राधा जानती थीं बॉलर श्रीचरणी विकेट्स को टारगेट करेंगी. वो थोड़ा हटीं और फील्डर्स के ऊपर से कवर्स पर चौका लगा दिया. अब 3 गेंद में 4 रन चाहिए थे. चौका लगाकर राधा का कॉन्फिडेंस भी बढ़ चुका था. उन्होंने अगली बॉल पर फिर उसी तरीके का शॉट लगाया और RCB को दूसरी बार चैंपियन बना दिया.
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