वर्ल्ड चैंपियनशिप के सेमी फ़ाइनल में हारे प्रणॉय एचएस
गोल्ड से चूक गए प्रणॉय!

Prannoy HS भारतीय शटलर BWF World Championship Semifinal में हार गए हैं. प्रणॉय तीन सेट तक खिंचे सेमी फ़ाइनल में थाई शटलर से हारे. इसके साथ ही प्रणॉय की गोल्ड मेडल जीतने की उम्मीेदें भी टूट गईं.
इससे पहले, सेमीफ़ाइन मैच में प्रणॉय ने अच्छी शुरुआत की. उन्होंने थाई प्रतिद्वंद्वी को पहले सेट में 21-18 से मात दी. इस सेट में प्रणॉय ने शुरुआत अच्छी की थी. उन्होंने जल्दी ही स्कोर 2-0 किया, लेकिन फिर थाई खिलाड़ी ने वापसी कर स्कोर 5-5 कर लिया. और इसी स्कोर पर प्रणॉय ने मोजे बदलने के लिए ब्रेक लिया, और इस ब्रेक के बाद गेम पूरी तरह से कंट्रोल कर लिया. ब्रेक तक वह 11-5 से आगे थे. लेकिन बाद में वह थोड़े ढीले पड़े और थाई खिलाड़ी, कुन्लावुत वितिसर्न ने कुछ अच्छे पॉइंट्स बना इस सेट को सम्मानजनक रूप से खत्म किया.
# Prannoy HS Bronzeदूसरे सेट में थाई खिलाड़ी ने और अटैकिंग गेम खेलते हुए प्रणॉय को ज्यादा मौके नहीं दिए. इस सेट में प्रणॉय थोड़े थके भी दिखे. अंत में उन्होंने इस सेट को 13-21 से गंवाया. दो सेट के बाद मैच 1-1 से बराबर रहा. अब बारी आई तीसरे सेट की. थाई प्लेयर ने एक बार फिर से अच्छी शुरुआत की. और लगातार पॉइंट्स बना प्रणॉय को बैकफुट पर रखा.
दूसरे सेट से ही दिख रही प्रणॉय की थकान अब और हावी होती दिख रही थी. हेड कोच पुलेला गोपीचंद बार-बार उन्हें टिप्स दे रहे थे, लेकिन वह थाई प्लेयर से पार नहीं पा रहे थे. बीच में प्रणॉय ने थोड़ा संघर्ष किया, लेकिन थाई खिलाड़ी की पकड़ बरक़रार रही. अंत में थाई प्लेयर ने ये सेट भी 21-14 से जीत लिया.
प्रणॉय को हराकर थाई शटलर ने लगातार दूसरी बार वर्ल्ड चैंपियनशिप के फ़ाइनल में एंट्री कर ली. पिछले साल उन्हें विक्टर एक्सेल सेन ने हराया था. इससे पहले थाई शटलर ने ही भारत के लक्ष्य सेन को भी मात दी थी.
इससे पहले प्रणॉय ने क्वॉर्टर-फाइनल में डिफेंडिंग चैंपियन और वर्ल्ड नंबर वन विक्टर एक्सेलसेन को गजब वापसी करते हुए मात दी थी. प्रणॉय ने 13-21 से पहला सेट गंवाने के बाद एक्सेलसेन को 13-21, 21-15 और 21-16 से मात दी थी. सेमी में हारने के बाद प्रणॉय ने ब्रॉन्ज़ मेडल जीत लिया. यह इस इवेंट का उनका पहला मेडल है. इसके साथ ही साल 2011 से चला आ रहा सिलसिला भी जारी रहा. 2011 से अब तक हर बार किसी ना किसी भारतीय ने इस इवेंट में मेडल जीता है.
वीडियो: बैडमिंटन में गोल्ड जीतने से कैसे चूक गया भारत?

