पूर्व क्रिकेटर छोड़ो, अब मेडिकल एक्सपर्ट से कराओ टीम इंडिया का सेलेक्शन
'हर प्लेयर की फिटनेस अलग होती है.'

BCCI ने हाल ही में हुई एक रिव्यू मीटिंग के बाद इंडियन क्रिकेट में कई बदलाव किए थे. इन्हीं बदलावों मे से एक यो-यो टेस्ट को वापस लाना था. इस बदलाव से कई लोग बहुत खुश हुए, लेकिन इंडियन क्रिकेट के पूर्व दिग्गज़ सुनील गावस्कर को ये बात पसंद नहीं आई. मिडडे के लिए अपने कॉलम में गावस्कर ने BCCI पर बड़े सवाल खड़े किए हैं.
विराट कोहली की कप्तानी के दौरान सेलेक्शन के लिए यो-यो टेस्ट को लाया गया था. विराट चाहते थे कि टीम का हर प्लेयर फिट हो. इसके बाद इस टेस्ट की फिर वापसी हुई है. और ये बात गावस्कर को पसंद नहीं आई. उन्होंने अपने कॉलम में लिखा है कि स्पिनर्स, पेसर्स और विकेटकीपर्स, सबको अलग-अलग फिटनेस लेवल की जरूरत है और यो-यो टेस्ट फेल हो जाएगा. गावस्कर लिखते हैं,
गावस्कर आगे लिखते हैं,
BCCI ने इस रिव्यू मीटिंग के बाद डेक्सा टेस्ट भी शुरू करने की बात कही है. इससे प्लेयर्स की बोन डेंसिटी और बॉडी फैट परसेंटेज पर भी नज़र रखी जाएगी. इस मसले पर गावस्कर का मानना है कि BCCI को सेलेक्शन कमिटी से पूर्व क्रिकेटर्स को हटाकर मेडिकल एक्सपर्ट्स को बैठा देना चाहिए. गावस्कर लिखते हैं,
गावस्कर आगे लिखते हैं,
बताते चलें कि टीम इंडिया के कई बड़े नाम साल 2022 में इंजरी की वजह से टीम से बाहर रहे हैं. खुद कैप्टन रोहित शर्मा लगातार टीम से बाहर ही बैठे हैं. और इसी समस्या से निपटने के लिए BCCI ने टीम के फिटनेस मानदंडों को और बेहतर करने की कोशिश की है.
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