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'इंग्लैंड को चाहिए कि वो बेन स्टोक्स को कंधे पर बिठाकर ड्रेसिंग रूम ले जाएं'

13 साल बाद, क्रिकेट की सबसे बड़ी 'लड़ाई' में बेन स्टोक्स ने एक बार फिर मार्क बाउचर को सही साबित किया.

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4 जून 2020 (अपडेटेड: 3 जून 2020, 05:11 AM IST)
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बेन स्टोक्स 135 रन बनाकर नाबाद रहे. इंग्लैंड ने 1 विकेट से मैच जीता.(फोटो साभार: एपी)
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"The faint hearted never f****d a fair maiden."

मार्क बाउचर ने कहा था. ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ बैटिंग करने के लिए उतरने से पहले. 435 के टार्गेट में 299 रन बन चुके थे. इतने रनों के बाद भी 136 रन बनने थे. इतना बड़ा टार्गेट वन-डे क्रिकेट के इतिहास में पहली बार दिया गया था. इसी इतिहास की एक बेहतरीन इनिंग्स अभी-अभी ख़त्म हुई थी और अब मार्क बाउचर को आगे का काम संभालना था.
13 साल बाद, क्रिकेट की सबसे बड़ी 'लड़ाई' में बेन स्टोक्स ने एक बार फिर मार्क बाउचर को सही साबित किया. 219 गेंदें, 135 रन और एक जगह पर मौजूद लोगों में सबसे चमकीली किस्मत.
ये वो दिन था जब बेन स्टोक्स अगर पानी पर चलने की कोशिश करता तो संभव था कि उसके पैर नहीं थकते. लेकिन उसके हाथ में बल्ला था और वही कर रहा था जिसकी उस वक़्त सबसे ज़्यादा ज़रुरत थी. दूसरी नई गेंद से ऑस्ट्रेलिया के पेस बॉलर्स ने इंग्लैंड को काफ़ी छूट दी. सबसे ज़्यादा निराश किया जॉश हेज़लवुड ने. लेकिन लंच के बाद ऐसा लगा जैसे उन्हें फैक्ट्री सेटिंग्स पर रीस्टोर कर के मैदान में वापस भेजा गया था. हर ओवर में हेज़लवुड एकदम सही सवाल पूछ रहे थे. बहुत वक़्त के बाद टेस्ट क्रिकेट में एक एंड से स्पिन और दूसरे से पेस के अच्छे कॉम्बिनेशन को देखा गया.
बेन स्टोक्स की ये पारी सदियों तक याद रखी जाएगी. (फोटो साभार: एपी)
बेन स्टोक्स की ये पारी सदियों तक याद रखी जाएगी. (फोटो साभार: एपी)

बेयरस्टो के जाने के बाद बटलर के काफ़ी निराश करने वाले रन आउट ने इंग्लैंड को एक और हार के लिए तैयार करना शुरू कर दिया था लेकिन बेन स्टोक्स ने अपने पैर पसारने शुरू कर दिए थे. उसने नेथन लॉयन को टार्गेट किया. नेथन लॉयन. गैरी. जिसने अभी-अभी ऑस्ट्रेलिया के लिए तीसरे नंबर पर सबसे ज़्यादा विकेट लिए थे. उसे उसके सर के ऊपर से स्टोक्स ने मारा. ये सब कुछ स्लिप में लगभग कैच आउट होने के बाद. लगभग.
एक शब्द जो कि बेन स्टोक्स के साथ चौथे दिन जुड़ा रहा. स्लिप में लगभग कैच. आख़िरी पलों में लगभग एलबीडब्लू, जहां वो सिर्फ़ इसलिए बच पाया क्यूंकि ऑस्ट्रेलिया के पास रिव्यू नहीं थे. स्टोक्स की ही कॉल पर एक लगभग रन आउट, उस स्टेज पर जब इंग्लैंड को जीतने के लिए महज़ 2 रन चाहिये थे. ये रन आउट इंग्लैंड को उस स्थिति में पहुंचा सकता था जहां साल 2005 में हार्मिसन की गेंद पर गेरंट जोन्स के कैच ने ऑस्ट्रेलिया को पहुंचा दिया था.
एक गलत डिसिजन और बेन स्टोक्स की किस्मत ऑस्ट्रेलिया पर भारी पड़ी. (फोटो साभार: एपी)
एक गलत डिसिजन और बेन स्टोक्स की किस्मत ऑस्ट्रेलिया पर भारी पड़ी. (फोटो साभार: एपी)

ऐसे मौके बहुत कुछ याद दिलाते हैं. एक वो मौका जब मोहाली में लक्ष्मण ने प्रज्ञान ओझा के साथ मिलकर आख़िरी विकेट पर इंडिया को मैच जिताया था. एक वो मौका जब ग्रीम स्मिथ ने सिडनी में मैच ड्रॉ करने के लिए टूटे हाथ से मिशेल जॉनसन की झन्नाटेदार गेंदें झेली थीं. 10 गेंदें बचते हुए ऑस्ट्रेलिया ने वो मैच जीत लिया था. एक वो मौका जब दिसंबर 2008 में पांचवें दिन के आख़िरी पलों में सचिन ने अपनी सेंचुरी से इंग्लैंड को धराशायी किया था. हालांकि, उस 387 रन को चेज़ करने में उतना ही बड़ा योगदान वीरेन्द्र सहवाग का भी था. 2005 का एजबैस्टन टेस्ट तो है ही.
बेन स्टोक्स ने ऐशेज़ को वापस जिला दिया है. जोफ़रा आर्चर ने पूरी सीरीज़ में एक भी दफ़ा किसी भी इंग्लिश सपोर्टर को ये कहने नहीं दिया है कि वो जिमी एंडरसन को मिस कर रहा है. लेकिन इंग्लैंड के पास बैटिंग में कोई भी जोफ़रा आर्चर अभी तक नहीं दिख रहा था. स्टोक्स ने इस गैप को बंद कर दिया है. ये याद रखा जाए कि ऐसी इनिंग्स सीरीज़ का रुख बदल देती हैं. किसी को तोड़ देती हैं तो किसी को बना देती हैं. पहली इनिंग्स में 67 रन पर आउट हो जाने वाली इंग्लिश टीम 359 के टार्गेट को चेज़ करती है और चौथे ही दिन मैच ख़तम हो जाता है. इंग्लैंड की बदतमीज़ क्राउड के सामने रिकी पोंटिंग एकदम ठीक बात कहते हैं -

"इंग्लैंड को चाहिए कि वो बेन स्टोक्स को कंधे पर बिठाकर ड्रेसिंग रूम ले जाएं."




वीडियो: एशेज में स्टीव स्मिथ के घायल होने पर जोफ्रा आर्चर के हंसने पर पीएम तक ने नाराजगी जताई

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