एक नो बॉल ने कैसे जगा दीं पाकिस्तान की उम्मीदें?
पाकिस्तान की हालत खस्ता है.
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T20 वर्ल्ड कप के फाइनल में पाकिस्तान का सामना इंग्लैंड से हो रहा है. मैच शुरू होते ही कुछ ऐसा हुआ, जिसे देख पाकिस्तानी फ़ैन्स खुश हो गए. इंग्लैंड ने टॉस जीतकर बोलिंग करने का फैसला लिया. पाकिस्तान के लिए ओपनिंग करने आए मोहम्मद रिजवान और बाबर आजम.
रिजवान ने बैटिंग क्रीज़ संभाली और बॉल बेन स्टोक्स के हाथ में थी. स्टोक्स ने पहली ही बॉल पर ओवरस्टेप किया और अंपायर ने नो बॉल दे दी. और ऐसा होते ही पूरे पाकिस्तान में खुशी की लहर दौड़ गई. अब आप सोच रहे होंगे एक नो बॉल और एक रन पर पाकिस्तानी इतने खुश क्यों हो गए? आइए, आपको लिए चलते हैं 1992 में.
1992 वर्ल्ड कप फाइनल में पाकिस्तान का मुकाबला इंग्लैंड से हुआ था. यहां ये भी बता दें कि तब T20 क्रिकेट की खोज नहीं हुई थी, और वो वर्ल्ड कप वनडे फॉर्मेट में खेला जा रहा था. वो फाइनल भी मेलबर्न के ग्राउंड में ही खेला गया था. पाकिस्तान ने वो मैच 22 रन से जीता था. तो लाज़मी है, पाकिस्तानी फ़ैन्स इसी के दोहराव के कयास लगा रहे हैं.
अब नो बॉल का कनेक्शन. उस वर्ल्ड कप फाइनल में भी पहली बॉल पर डेरेक प्रिंगल ने आमिर सोहेल को नो बॉल डाली थी. तो बस, उसी बॉल को याद करते हुए पाकिस्तानी फ़ैन्स ने एक बार फिर वर्ल्ड कप फाइनल में पाकिस्तान को जिताने की उम्मीद कर ली.
पर पाकिस्तानी फ़ैन्स की उम्मीदें पहली पारी के बाद कम हो गई होंगी. इंग्लैंड ने पहले बोलिंग करने के फैसले को सही साबित किया. सैम करन ने इंग्लैंड के लिए विकेट्स लेने का सिलसिला शुरू किया और मोहम्मद रिजवान को वापस पविलियन भेजा. इसके बाद आदिल राशिद ने मोहम्मद हरिस और कैप्टन बाबर आजम को चलता किया.
पाकिस्तान का काम करन और क्रिस जॉर्डन ने और खराब कर दिया. करन ने शान मसूद और मोहम्मद नवाज को आउट किया. करन ने अपने चार ओवर में सिर्फ 12 रन खर्च किए. वहीं जॉर्डन ने पाकिस्तानी उपकप्तान शादाब खान को आउट किया. आदिल राशिद ने भी इकनॉमिकल गेंदबाजी की. पाकिस्तानी ने पहले बैटिंग करते हुए बोर्ड पर सिर्फ 137 रन चढ़ाए.
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