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कोहली की कप्तानी में बने नियम को फिर से वापस लाने जा रही है BCCI!

Team India के साधारण प्रदर्शन के बाद से टीम मैनेजमेंट काफी सख्ती के मूड में है. बोर्ड की तरफ से Virat Kohli की कप्तानी वाले एक नियम को वापस लाने पर विचार किया जा रहा है.

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16 जनवरी 2025 (पब्लिश्ड: 12:10 PM IST)
BCCI, Virat kohli, YO YO Test
विराट कोहली की कप्तानी में बने नियम को वापस ला सकती है BCCI (फोटो: PTI)
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टीम इंडिया (Team India) के साधारण प्रदर्शन के बाद से टीम मैनेजमेंट काफी सख्ती के मूड में है. सीनियर प्लेयर्स समेत बाकी खिलाड़ियों को भी डोमेस्टिक क्रिकेट खेलने के लिए कहा जा रहा है. इस बीच एक और अपडेट सामने आया है. बोर्ड की तरफ से विराट कोहली (Virat Kohli) की कप्तानी वाले एक नियम को वापस लाने पर विचार किया जा रहा है.

टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक बोर्ड फिर यो-यो फिटनेस टेस्ट को लेकर आ सकती है. रिपोर्ट के मुताबिक, BCCI की मेडिकल टीम को फिटनेस मानदंडों पर वापस जाने के लिए कहा गया है. बोर्ड की तरफ से कहा गया कि सेलेक्शन के लिए फिर से फिटनेस मानदंड लागू करने पर जोर देना चाहिए, न कि केवल चोटों की रोकथाम पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए. टीम मैनेजमेंट ने सेलेक्शन के लिए एक महत्वपूर्ण पैमाना रहे यो-यो टेस्ट को हटा दिया था.

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लेकिन अब इस पर बोर्ड यू-टर्न ले सकता है. TOI में सूत्र के हवाले से बताया गया,

बोर्ड खिलाड़ियों के प्रति नरम रुख अपनाए हुए था, क्योंकि वे ज्यादातर समय यात्रा पर रहते हैं. लेकिन इस वजह से ध्यान केवल चोटों की रोकथाम पर केंद्रित हो गया था. इसे कुछ खिलाड़ियों ने काफी हल्के में लिया है. ऐसे में यह सुझाव दिया जा रहा है कि एक निश्चित फिटनेस लेवल का मानदंड फिर से लागू किया जाए, ताकि खिलाड़ियों में लापरवाही न आए.

यो यो टेस्ट क्या होता है?

खिलाड़ियों को एक लाइन से दूसरी लाइन के बीच 20 मीटर दौड़ना होता है और फिर वापस आना होता है. यानी कि एक बार में 40 मीटर. इसे एक शटल कम्पलीट करना कहते हैं. इसके लिए एक तय समय होता है. यह टेस्ट 5वें लेवल से शुरू होता है, जो 23वें लेवल तक चलता है. हर एक शटल के बाद 10 सेकंड का ब्रेक मिलता है, लेकिन समय कम होता जाता है. यह टेस्ट तब तक चलता है जब तक पार्टिसिपेंट जरूरी स्पीड हासिल कर पाने में सक्षम नहीं रहते.

इसके अलावा ESPNcricinfo की रिपोर्ट में ये बात भी सामने आई है कि अब प्लेयर्स की पत्नियां और परिवार विदेशी दौरों पर एक तय वक्त तक ही रह सकते हैं. अगर कोई टूर डेढ़ महीने का है, तो ये अवधि दो हफ़्ते की होगी. वहीं इससे कम वक्त के दौरे में इसे घटाकर हफ़्ते भर का कर दिया जाएगा. 

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