BCB को बड़ा झटका! खेल मंत्रालय T20 वर्ल्ड कप बॉयकॉट करने के फैसले की कराएगा जांच
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड को बांग्लादेश के खेल मंत्री ने बड़ा झटका दिया है. मंत्रालय समिति बनाकर ये जांच करेगी कि कहीं टी20 वर्ल्ड कप को छोड़ना कूटनीति की स्तर पर विफलता तो नहीं थी.

बांग्लादेश की टीम भारत और श्रीलंका में खेले गए T20 वर्ल्ड कप में नहीं खेलने पहुंची. आईसीसी के बार-बार आश्वासन देने के बावजूद उन्होंने सुरक्षा का हवाला देकर भारत ट्रैवल करने से मना कर दिया. नतीजतन, आईसीसी ने उनकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल कर लिया. अब इस पूरे मामले की बांग्लादेश खेल मंत्रालय जांच करना चाहता है.
कूटनीति में विफलता की होगी जांंचबांग्लादेश के युवा और खेल मंत्री अमीनुल हक ने इसे लेकर जांच समिति बनाने की बात कह दी है. समिति यह पता लगाने के लिए बनाई जाएगी कि कहीं टी20 वर्ल्ड कप को छोड़ना कूटनीति की स्तर पर विफलता तो नहीं थी. दरअसल, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने एक दिन पहले ही खेल मंत्रालय से BCB के चुनाव में हुई अनियमितता की जांच करने के लिए बनाई गई समिति को बंद करने के लिए कहा था. अब खेल मंत्री ने एक और समिति बनाने की बात कह दी है.
क्रिकबज की रिपोर्ट के अनुसार, अमीनुल हक का ये ऐलान बीसीबी के बड़े पदाधिकारियों और मौजूदा अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम के लिए बड़ा झटका है. उन्होंने सुरक्षा कारणों का हवाला देकर बांग्लादेश को टी20 वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने से रोकने में अहम भूमिका निभाई थी. टी20 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड ने ली थी.
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खेल मंत्री अमीनुल हक ने क्या कहा?खेल मंत्री अमीनुल ने पहले कहा था कि वह भारत के साथ रिश्ते सुधारना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि जांच समिति इस अनदेखी के असली कारणों का पता लगाने पर ध्यान देगी. वह खास तौर पर यह पता लगाने पर जोर देगी कि क्या ये खेल कूटनीति के मोर्चे पर नाकामी थी. अमीनुल ने कहा,
“मैं इन मुद्दों पर पहले ही बात कर चुका हूं. हम क्रिकेट वर्ल्ड कप में हिस्सा क्यों नहीं ले पाए और खेल कूटनीति में कहां हमारी कमियां थीं. ये ऐसे मामले हैं, जिनकी हमें अच्छी तरह से जांच करनी चाहिए. शायद ईद के बाद मैं एक जांच समिति बनाऊंगा (टी20 वर्ल्ड कप में हिस्सा न लेने का कारण जानने के लिए) और उसके नतीजों के आधार पर जरूरी कदम उठाएंगे.”
अमीनुल ने आगे कहा,
“मेरे हिसाब से हमें अपनी खेल कूटनीति को और मजबूत करने की जरूरत है. क्योंकि खेल एक ऐसा मंच है, जहां सभी मतभेदों और राजनीतिक सोच से परे हम एक देश के तौर पर एकजुट हो सकते हैं. इसलिए हमें यह पक्का करना होगा कि भविष्य में ऐसी गलतियां न दोहराई जाएं और खेल कूटनीति के जरिए हम दोस्ताना रिश्ते बनाए रखें और खेल का स्वस्थ माहौल बनाए रखें.”
दरअसल, बांग्लादेश टीम के कई खिलाड़ियों ने बाद में बताया था कि वो भी वर्ल्ड कप में हिस्सा लेना चाहते थे. लेकिन, बोर्ड और तत्कालीन खेल सलाहकार ने उनकी बातें नहीं सुनीं. आईसीसी ने भी इसे लेकर हुई बैठक में निराशा जताई थी. साथ ही ये ऐलान भी किया था कि इसके लिए वो बांग्लादेश पर कोई कार्रवाई नहीं करेंगे.
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