क्रिकेट के मैदान में एक टीम के ग्यारह, अगली टीम के 2 और दो अम्पायर उतरते हैं.फिर शुरू होती है बाउंड्री. बाउंड्री के पार दर्शक दीर्घा होती है. ऐसा मैं मानतानहीं हूं लेकिन बचपन में रेडियो कमेंट्री में यही शब्द सुने थे - दर्शक दीर्घा.ध्यान से देखिएगा, दर्शक दीर्घा और मैदान में मौजूद 15 लोगों के अलावा भी कुछचिल्लर टाइप इंसान घूम रहे होते हैं. जैसे अगर आपको याद हो तो सचिनकी अंतिम इनिंग्सके दौरान उनके सुपुत्र अर्जुन तेंदुलकर एक-दो लड़कों के साथ वहीं बैठे थे. ये लड़केबॉल-बॉय कहलाते हैं. इन बॉल-बॉय का काम होता है बाउंड्री से उठाकर गेंद मैदान मेंफेंक देना. अगर फील्डर पहुंच गया है तो वही उठा लाता है वरना बॉल-बॉय बहुत काम आतेहैं. ये वैसा ही है जैसा गरमी की छुट्टी में आये मौसी के लड़के को पार्क के बाहरनाली के पास खड़ा कर दिया जाता था. नाली में जाने पर उसी को दौड़ा देते थे. अगला चलाभी जाता था. खैर, बात है इंडिया और न्यूज़ीलैंड के बीच खेले जा रहे पहले वन-डे मैचकी. मैच खला जा रहा था वानखेड़े मैदान में. इंडिया की पहले बैटिंग आई. रोहित शर्माआये और चल दिए. उनकी मैगी उबलने लगी थी. विराट कोहली आये. रुक गए. बोले सेंचुरी मारके जाएंगे. ओवर नम्बर पच्चीसवां. गेंद नम्बर दूसरी. एडम मिलने गेंद फेंक रहे थे.पुल मारा. लॉन्ग लेग के ऊपर से 6 रन. रिस्की शॉट था लेकिन बैट्समैन भी तो कोहली था.छक्का गया. कॉलिन मुनरो कैच नहीं कर पाए. बस देखते रहे. लेकिन एक बॉल-बॉय वहीं खड़ाथा. उसने देखा भी और थोड़ी कोशिश भी की. गेंद पकड़ने की. गेंद चिपक गई. बेहतरीन कैचहो गया. एकदम बेहतरीन कैच.Screamer of a catch at the boundary by this Under-14 Mumbaiplayer.https://t.co/SoWuAN7weC #BCCI— The Lallantop (@TheLallantop) October 22, 2017 जनता गच्च हो गई. लड़के को खूबतालियां मिलीं. बॉल-बॉय मुबई अंडर-14 की टीशर्ट पहने बैठा था. उसका चेहरा कैमरे परदिखाया जा रहा था. शरमाई आंखोंसे साथ सब देख रहा था.-------------------------------------------------------------------------------- ये भी पढ़ें:ये कारनामा कोहली के अलावा दुनिया में सिर्फ एक बल्लेबाज़ कर पाया हैस्पेस से दिवाली देखने के नाम पर हम कब तक उल्लू बनते रहेंगे मितरों!सचिन के साथ दिख रहा ये WWE चैंपियन कभी जानबूझकर मैच हारा करता था-------------------------------------------------------------------------------- गोवा से आने वाली दूसरी क्रिकेटर की कहानी