जैसे कल बटलर को आउट किया, उसी तरह का कारनामा अश्विन 7 साल पहले भी कर चुके हैं
लेकिन उस वक़्त कप्तान वो नहीं सहवाग थे, सो नतीजा कुछ और निकला था. जानिए पूरा किस्सा.
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अश्विन ने 2012 में श्रीलंका के खिलाफ विकेट लेने के लिए यही ट्रिक अपनाया था
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आईपीएल में पंजाब और राजस्थान के बीच जो मैच हुआ उसको लेकर मार बवाल हो रहा है. वजह है आर अश्विन का किया रन आउट. आर अश्विन ने जिस तरह से राजस्थान के बटलर को आउट किया, उसके बाद ट्विटर पर और क्रिकेट बिरादरी के बीच नई तरह की जंग छिड़ गई है. तलवार और भाले वाली जंग नहीं बल्कि सही और गलत वाली जंग. अश्विन ने जिस तरह से बटलर को आउट किया उसे ‘मांकड़ आउट’ कहते हैं. क्रिकेट में ये लीगल भी है. वैसे ये पहला मौका नहीं है जब अश्विन ने इस तरह से सामने वाले खिलाड़ी को आउट करने की कोशिश की हो. इससे पहले भी वो ये तरीका अपना चुके हैं. पहले आप लेटेस्ट वाला रन आउट देखिए. फिर हम आपको अश्विन की पुरानी 'कलाकारी' दिखाते हैं.
जी! तो सारा बवाल इसी विकेट को लेकर मचा हुआ है. इस विकेट पर अलग-अलग क्रिकेट एक्सपर्ट की अलग-अलग राय है. कुछ इसका समर्थन कर रहे हैं. तो कुछ इसका विरोध कर रहे हैं. अगर वीडियो में कमंटेटर की बात सुनेंगे तो उसमें भी आपको एक कमंटेटर 'टेरिबल-टेरिबल' कहते सुनाई पड़ेंगे. हालांकि वो आगे ये कहते हैं कि ये उनकी निजी राय है. इस विकेट के बाद IPL में विवाद की शुरुआत हो चुकी थी. बटलर का विकेट लेने के बाद ट्विटर पर युद्ध छिड़ गया. सभी लोग अपनी-अपनी राय रखने लगे. आप हर्षा भोगले का ट्वीट देखेंगे तो समझ में आएगा कि उन्हें विकेट लेने के इस तरीके से कोई आपत्ति नहीं हुई.Ashwin Mankads Buttler via @iplhttps://t.co/5QfKVQLa88
— The Lallantop (@TheLallantop) March 25, 2019
ये पहला मौका नहीं है जब आर अश्विन ने इस फॉर्मूले से विकेट लेने की कोशिश की हो. बात साल 2012 की है जब भारतीय क्रिकेट टीम ऑस्ट्रेलिया गई हुई थी ट्राई सीरीज खेलने. इस ट्राई सीरीज में भारत, ऑस्ट्रेलिया के अलावा तीसरी टीम श्रीलंका थी. मैच भारत और श्रीलंका के बीच चल रहा था. मैच के 40वें ओवर में अश्विन बॉलिंग कर रहे थे. तभी नॉन स्ट्राइक एंड पर मौजूद श्रीलंका के खिलाड़ी थिरिमाने बॉल फेंकने से पहले क्रीज़ छोड़ देते हैं. जैसे ही वो क्रीज़ छोड़ते हैं, बॉलिंग कर रहे अश्विन रुकते हैं और गिल्ली बिखेर देते हैं. इसके बाद वो अपील करते हैं. अंपायर थर्ड अंपायर के पास पहुंचते हैं पूछने के लिए कि बताइये ये आउट है या नहीं.Nothing in the laws though about warning. Just as there is nothing in the laws about a wicket keeper warning a batsman for being out of the crease and not stumping him https://t.co/OqYypMiRIQ
— Harsha Bhogle (@bhogleharsha) March 25, 2019
इस मैच में कप्तानी धोनी की जगह सहवाग कर रहे होते हैं. जैसे ही अश्विन गिल्ली बिखेरते हैं वो सहवाग के पास पहुंचते हैं चीयर करने. अंपायर थर्ड अंपायर के पास जा चुके होते हैं. तभी सहवाग सचिन से बात करते हैं और फिर विकेट की अपील को वापस ले लेते हैं. मैच खत्म होने के बाद वो प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहते हैं 'हम अपील जारी रखते तो वो खेल भावना नहीं होती'. अब अश्विन ने जिस तरह से जोस बटलर का विकेट लिया. क्रिकेट प्रेमी इसी खेल की भावना का हवाला देते हुए अश्विन के तरीके पर सवाल उठा रहे हैं.See @ashwinravi99 did the same against SL a few years ago and @virendersehwag withdrew the appeal. #Mankad pic.twitter.com/JcyWw8sw7i
— bharathnt (@bharath1) March 25, 2019

