एक लड़का आया था इंडियन क्रिकेट टीम में. और टीम भी तबकी जब कप्तानी संभाली हुई थीअज़हरुद्दीन ने. साल था 1999. वो आया और 2003 तक वो इंडिया का फास्टेस्ट बॉलर बनचुका था. 2003 वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के खिलाफ़ उसने तबाही मचा दी. तबसे टीम मेंआना जाना रहा. बेहद मज़ाकिया. मज़ाक करने की कोशिश न करते हुए भी वो मज़ाक कर ही देताथा. देह में 12 ऑपरेशन करवाने के बाद, 17 टेस्ट, 120 वन-डे और 26 ट-20 इंटरनेशनलमैच खेलने के बाद अब उसने आख़िरी मैच खेलने का मन बना लिया है. आशीष नेहरा. 1 नवंबरको फ़िरोज़ शाह कोटला में अपना आखिरी मैच खेलेंगे. आशीष ने बीसीसीआई से स्पेशलरिक्वेस्ट की और कहा कि उन्हें अपने होम ग्राउंड पर आखिरी मैच खेल लेने दें.बीसीसीआई ने इसपे रज़ामंदी दे दी है. आशीष नेहरा ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ़ चल रही टी-20सीरीज़ के लिए चुने गए थे लेकिन उन्हें पहले दो मैचों के लिए आखिरी ग्यारह में जगहनहीं मिली. आशीष खुद कहते हैं कि बुमराह और भुवनेश्वर एक साथ अच्छी बॉलिंग कर रहेहैं और इन्हें ही आगे इंडिया की बॉलिंग की ज़िम्मेदारी को निभाना चाहिए. अगर 1 नवंबरको न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ खेला जाने वाला टी-20 मैच फ़िरोज़ शाह कोटला में नहीं होता तोनेहरा ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ चल रही सीरीज़ के बाद ही रिटायरमेंट ले लेते. नेहरा 2011वर्ल्ड कप जीतने वाली इंडियन टीम का हिस्सा थे. उन्होंने सेमी फाइनल में अच्छीबॉलिंग की थी लेकिन उंगली टूट जाने की वजह से फाइनल मैच नहीं खेल पाए थे.-------------------------------------------------------------------------------- ये भी पढ़ें:वो बाप जो अपने बेटे को मर्द बनाने के लिए रोज़ सुबह दौड़ाता थाआइंस्टाइन की लिखी इस चिट्ठी में छुपा है दुनिया की बर्बादी का फ़ॉर्म्युलाधोनी की कीपिंग बाद में देखना पहले फ़ुटबॉल ट्रिक्स देख लो-------------------------------------------------------------------------------- फौजी क्रिकेटर शिखा पांडे ने बताए अपनी लल्लनटॉप लाइफ के किस्से