बॉल बदलने में 'गड़बड़ी' से जीता इंग्लैंड? पॉन्टिंग, ख्वाजा अंपायर के किस फैसले पर भड़के?
पॉन्टिंग ने अंपायर के फैसले को लेकर जांच की मांग तक कर दी है...

एशेज सीरीज़ के आखिरी टेस्ट में इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया को 49 रन से हरा दिया. मैच के आखिरी दिन इंग्लैंड के बॉलर्स के आगे ऑस्ट्रेलियन खिलाड़ी बेबस नजर आए. एक समय जीत की ओर अग्रसर ऑस्ट्रेलियन टीम पूरी तरह से लड़खड़ा गई. जिसके बाद पूर्व ऑस्ट्रेलियन कप्तान रिकी पॉन्टिंग ने गेंद को लेकर बड़ा सवाल खड़ा किया है.
दरअसल, मैच के चौथे दिन उस्मान ख्वाजा के सिर पर गेंद लगने की वजह से गेंद का शेप बदल गया. जिस वजह से अंपायरों ने बॉल बदलने का फैसला किया. अंपायर जोएल विल्सन और कुमार धर्मसेना ने ऑस्ट्रेलियन इनिंग के 37वें ओवर में गेंद बदल दी. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये बदली गई बॉल से ज्यादा नई लग रही थी. हालांकि, गेंद बदलने के बाद चौथे दिन ज्यादा खेल नहीं हो सका और सिर्फ 11 बॉल ही फेंकी गईं. तो फर्क नहीं पता चला. लेकिन पांचवें दिन इसका असर दिखा और ऑस्ट्रेलिया ने महज 10 ओवर के खेल में अपने 3 विकेट खो दिए. ऐसे में पॉन्टिंग ने गेंद बदलने के फैसले पर नाराजगी जताई.
पॉन्टिंग के मुताबिक, रिप्लेसमेंट वाली गेंद पुरानी गेंद से ज्यादा घूम रही थी. पॉन्टिंग ने स्काई स्पोर्ट्स से बात करते हुए कहा कि मेरी सबसे बड़ी चिंता उस गेंद को लेकर थी, जिसे बदलने के लिए चुना गया था. दुनिया में ऐसा कोई तरीका नहीं है जिससे आप उन दो गेंदों को देखकर किसी भी तरह से कह सकें कि वो एक जैसी गेंद है.
पॉन्टिंग ने आगे कहा कि मैच के चौथे दिन की दोपहर की तुलना में पांचवें दिन सुबह गेंद की मूवमेंट लगभग दोगुनी हो गई. उसकी सीम मूवमेंट और स्विंग ज्यादा हो गई. मुझे लगता है कि यह एक बड़ी गलती है जिसकी जांच की जानी चाहिए.
वहीं पॉन्टिंग के अलावा ऑस्ट्रेलियन ओपनर उस्मान ख्वाजा ने भी गेंद बदलने के फैसले पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा,
नियम क्या कहता है?‘’जैसे ही अंपायर ने वो गेंद बदली, मुझे तुरंत पता चल गया कि ये पुरानी गेंद से बहुत अलग थी. मैं अंपायर कुमार धर्मसेना के पास गया और पूछा, ‘यह गेंद कितनी पुरानी है? ऐसा लगता है जैसे यह आठ ओवर पुरानी है.' गेंद मेरे बल्ले पर बहुत जोर से लगी. मैंने इस एशेज सीरीज़ की सभी इनिंग्स में ओपनिंग की है और मुझे ऐसा कभी नहीं लगा कि कोई गेंद मेरे बल्ले पर इतनी जोर से लगी हो.''
क्रिकेट की नियम बनाने वाली संस्था मेरिलबोन क्रिकेट क्लब के नियम 4.5 के अनुसार यदि अंपायर इस बात से सहमत हैं कि गेंद खेलने लायक नहीं रही है, तो उन्हें इसे एक ऐसी गेंद से बदलना चाहिए जिसका घिसाव पिछली गेंद के बराबर हो.
मैच के बारे में बताएं तो आखिरी दिन के टी तक ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए 146 रन की जरूरत थी. जबकि उसके केवल तीन खिलाड़ी आउट हुए थे. ऐसा लग रहा था कि ऑस्ट्रेलियन टीम इस मैच को जीत जाएगी. लेकिन टी के बाद एकदम से खेल बदल गया. ऑस्ट्रेलियन टीम ने महज 11 रन के अंदर अपने 4 विकेट गंवा दिए. 384 रन के लक्ष्य का पीछा कर रही ऑस्ट्रेलियन टीम जहां एक समय 3 विकेट खोकर 264 रन बना चुकी थी, 19 गेंद के अंदर ही उनका स्कोर 7 विकेट खोकर 275 रन हो गया.
यहां से ऑस्ट्रेलियन टीम संभल नहीं पाई और पूरी टीम महज़ 334 रन पर सिमट गई. इंग्लैंड के लिए मैच की आखिरी पारी में क्रिस वोक्स ने 4 विकेट, जबकि मोईन अली ने 3 और स्टुअर्ट ब्रॉड ने 2 विकेट लिए. इंग्लैंड ने पहली पारी में 283 रन बनाए थे. जबकि ऑस्ट्रेलिया ने 295 रन बनाए थे. वहीं इंग्लैंड ने दूसरी पारी में 395 रन का स्कोर बनाया था. दोनों टीम ने पांच मैच की सीरीज में 2-2 मैच जीते.
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