देश के कई राज्यों में चुनाव होने वाले हैं. यूपी और पंजाब के चुनाव ने तो जोर पकड़लिया है. यूपी में तो इतना कि पुत्र अखिलेश पिता मुलायम की कसमें खा-खाकर पार्टी परही कब्जा कर लिये. बाप जिंदगी भर दूध गरम करते रहे. बेटा मलाई खा रहा है. पर पंजाबभी इस मामले में साइलेंट नहीं है. पंजाब में भी यही रस्मो-रिवाज फॉलो किया जा रहाहै.टिकटों के बंटवारे को लेकर घमासान हुआ पड़ा है. सबको मिल नहीं रहा. नवोदय टाइम्स केमुताबिक तो एक ही सीट से बाप-बेटा, भाई-बहन, चाचा-भतीजा आपस में लड़ रहे हैं.1. बटाला विधानसभा से भाई-भाई लड़ रहे हैंयहां से मौजूदा विधायक हैं ऑल इंडिया कांग्रेस कमिटी के सचिव अश्विनी सेखड़ी. टिकटइनको फिर मिल गया है. पर इनके भाई इंद्र सेखड़ी इनके खिलाफ निर्दलीय लड़ रहे हैं.पिछले चुनाव में इंद्र ने भाई की मदद की थी.अश्विनी सेखड़ी2. मालेरकोटला विधानसभा से बहन-भाई लड़ रहे हैंइस इलाके में मुस्लिम आबादी ज्यादा है. यहां से कांग्रेस की उम्मीदवार हैं रजियासुल्ताना. पूर्व विधायक हैं. इनके भाई अरशद डाली आम आदमी पार्टी की तरफ से हैं.रजिया पिछला चुनाव अकाली दल की निसारा खातून से हारी थीं. इस बार निसारा को टिकटनहीं मिला है.रजिया सुल्ताना3. खेमकरण विधानसभा से बाप-बेटे के बीच ठनी थीयहां पर पूर्व कांग्रेसी मंत्री गुरचेत सिंह भुल्लर के बेटे सुखपाल भुल्लर कोकांग्रेस ने टिकट दे दिया है. गुरचेत भड़क कर अपने बेटे के खिलाफ उतरने की बात कररहे थे. पर अब पता चल रहा है कि सुलह हो गई है. पर ये भी खबर आ रही है कि बेटे काटिकट रुकवाने की कोशिश भी कर रहे हैं. दूसरा बेटा अनूप बाप की तरफ से है.सुखपाल भुल्लर4. नवाशहर विधानसभा में चाचा-भतीजा भिड़े पड़े हैंयहां पर कांग्रेस के एक नेता हुआ करते थे दिलबाग सिंह डालेके. उनके परिवार के कईलोग राजनीति में हैं. इस बार यहां पर कांग्रेस ने 25 साल के अंगद सैणी को टिकट दियाहै. यह मौजूदा विधायक गुरइकबाल कौर के बेटे हैं. विधायक ने बेटे के लिए सीट छोड़ दीहै. पर मुकाबले में हैं कांग्रेस छोड़कर आम आदमी पार्टी जॉइन किये अंगद के ताऊपूर्व सांसद चरणजीत चन्नी.चरणजीत चन्नी5. डेरा बाबा नानक विधानसभा से भी भाई-भाई के बीच जारी है जंगयहां पर पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष संतोख सिंह रंधावा के बेटे सुखजिंदर सिंहको टिकट मिल गया है. पर भाई इंद्रजीत सिंह अपने भाई का विरोध कर रहे हैं.सुखजिंदर सिंह6. लुधियाना सैंट्रल से अलग ही किस्सा आया हैयहां से 3 बार भाजपा विधायक रहे हैं सतपाल गोसाईं. पर उनकी उम्र 70 साल हो चुकी है.तो भाजपा के नियमों के मुताबिक उनको टिकट नहीं मिलेगा. इसके चलते उनका बेटा, बेटी,पोता सब भिड़ रहे हैं. पर अभी टिकट फाइनल नहीं हुआ है.सतपाल गोसाईंकबाड़ी का काम करते हैं नरेंद्र मोदी के भाई, भाभी मांजती हैं बर्तनअखिलेश, मुलायम को असली झटका तो अब लग सकता हैदिल्ली के अपने विधायक को पंजाब में चुनाव लड़ाने ले जा रहे केजरीवालhttps://www.youtube.com/watch?v=cAKAceI6R5chttps://www.youtube.com/watch?v=nHwVSMt-dTk