रोहित-विराट को 2027 वर्ल्ड कप में खेलना चाहिए या नहीं? धोनी का जवाब सुन कलम तोड़ देनी चाहिए
पूर्व कप्तान एमएस धोनी (MS Dhoni) ने किसी खिलाड़ी के इंडियन टीम में खेलने को लेकर क्राइटेरिया पर बात की है. उन्होंने ये बातें तब कहीं, जब उनसे रोहित शर्मा (Rohit Sharma) और विराट कोहली (Virat Kohli) के वर्ल्ड कप 2027 में खेलने के बारे में पूछा गया.
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साल 2027 में होने वाले क्रिकेट वर्ल्ड कप (Cricket World Cup) में अभी काफी टाइम है. 50 ओवर का विश्व कप अक्टूबर-नवंबर 2027 में साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में खेला जाएगा. इसमें भाग लेने वाली सभी टीमें अभी से अपना रोडमैप तैयार कर रही हैं. भारत (India) इस टूर्नामेंट में 'वन ऑफ द मोस्ट फेवरेट' टीम रहेगा. साल 2023 में टीम इंडिया फाइनल में पहुंची थी. तब, विराट कोहली (Virat Kohli) और रोहित शर्मा (Rohit Sharma) ने बल्ले से चमक बिखेरी. किंग कोहली ने 3 सेंचुरी और 6 हाफ सेंचुरीज के जरिए सबसे ज्यादा 765 रन बनाए थे. वहीं, हिटमैन ने एक शतक और 3 अर्धशतक के चलते 597 रन स्कोर किए. हाल ही में एक इवेंट के दौरान, जब पूर्व कप्तान एमएस धोनी (MS Dhoni) से पूछा गया, क्या रोहित और विराट को वर्ल्ड कप 2027 (World Cup 2027) में जगह मिलेगी? तो उन्होंने इसका जवाब बड़ी बेबाकी से दिया.
उम्र पर बहसमौजूदा समय में रोहित शर्मा 38 और विराट कोहली 37 साल के हैं. विश्व कप 2027 तक हिटमैन 40 और विराट 39 बरस के हो जाएंगे. ऐसे में क्या वह अपनी परफॉर्मेंस जारी रख पाएंगे? यह सबसे बड़ा सवाल है. कुछ क्रिकेट विशेषज्ञ मानते हैं कि दोनों प्लेयर्स की उम्र ज्यादा है, ऐसे में उनके नाम पर विचार होगा यह तय नहीं है. जबकि, कुछ एक्सपर्ट्स का कहना है कि उम्र से क्या लेना देना? जब दोनों खिलाड़ी अच्छा कर रहे हैं, तो वर्ल्ड कप टीम में उन्हें शामिल करने में दिक्कत नहीं होनी चाहिए.
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विराट कोहली और रोहित शर्मा पर क्या बोले महेंद्र सिंह धोनी?वहीं, जब इवेंट में एमएस धोनी से पूछा गया, क्या हम रोहित और विराट को 2027 वर्ल्ड कप में खेलते हुए देखेंगे? इस सवाल के जवाब में पूर्व कप्तान ने कहा,
क्या उम्र और फिटनेस फैक्टर है?क्यों नहीं? बात यह है कि अगला वर्ल्ड कप कोई क्यों नहीं खेलेगा? मेरी लिए उम्र कोई क्राइटेरिया नहीं है. परफॉर्मेंस और फिटनेस ये क्राइटेरिया है. मुझे हमेशा लगता है कि किसी को कुछ नहीं बताना चाहिए. लेकिन, बातें साफ होनी चाहिए. जब मैंने डेब्यू किया उस वक्त मैं 24 साल का था. तब किसी ने आकर मुझे कुछ नहीं बताया था. अब अगर मैं भारत के लिए एक साल, दो साल, दस साल या बीस साल खेल रहा हूं. किसी को आकर मेरी उम्र के बारे में बताने की जरूरत नहीं है.
वहीं, जब महेंद्र सिंह धोनी से पूछा गया, क्या उम्र और फिटनेस फैक्टर है. तो, माही ने कहा,
वर्ल्ड कप में ‘एक्सपीरिएंस’ जरूरीउम्र कोई फैक्टर नहीं है. हां, फिटनेस एक फैक्टर है. अगर आप 22 साल के और फिट नहीं हैं. तो आपको टीम में नहीं होना चाहिए. जब बात रोहित, विराट या दूसरे नामों की आती है. अगर कोई 30 साल का है. यह हम तय नहीं कर सकते कि वह अगला वर्ल्ड कप खेल सकता है या नहीं. अगर वे अच्छा परफॉर्म करते हैं. देश के लिए अच्छा करने की चाह रखते हैं. तो क्यों नहीं खेल सकते?
इसके बाद, एमएस धोनी ने क्रिकेट वर्ल्ड कप जैसे अहम टूर्नामेंट में 'एक्सपीरिएंस' को जरूरी बताया. उन्होंने यह भी बताया कि 'अनुभव' को कैसे हासिल किया जा सकता है? 3 आईसीसी टाइटल जीत चुके पूर्व कप्तान ने कहा,
'यूथ' और 'एक्सपीरिएंस' का कॉम्बिनेशनआपको 20 साल के लड़के से 'एक्सपीरिएंस' नहीं मिल सकता. जब तक कि वह सचिन तेंदुलकर न हो. आपको 'अनुभव' तभी मिल सकता है. जब आप 16 या 17 साल की उम्र में खेलना शुरू करे दें. अगर आपको 'अनुभव' चाहिए. तो आपको ऐसे लोग चाहिए जो 30, 32, या 33 साल के हों. क्योंकि असल में 'एक्सपीरिएंस' यही होता है. अगर आप 20 या 25 मैच खेलने को 'अनुभव' मानते हो. तो वो 'एक्सपीरिएंस' नहीं है. आपको ऐसे लोगों की जरूरत है जो अपने काम में काफी मेहनत कर चुके हों. यह उन बैटर्स के लिए और जरूरी हो जाता है जो लोअर ऑर्डर में बल्लेबाजी करते हैं. उन गेंदबाजों के लिए भी जो डेथ ओवर्स में बॉलिंग करते हैं. एक बॉलर के रूप में अगर मुझ पर 10 या 15 बार प्रेशर पड़ता है. तो मुझे सच में इसका अनुभव करने के लिए 80 से 85 मैच खेलने पड़ सकते हैं. जिससे मैं अपने दिल को कंट्रोल कर सकूं. मैं अपने इमोशन्स पर काबू रख सकूं और प्रेशर में अपने आपको संभालना सीख सकूं.
एमएस धोनी के मुताबिक, क्रिकेट वर्ल्ड कप में 'यूथ' और' एक्सपीरिएंस' दोनों होना जरूरी है. इस पर उन्होंने कहा,
रोहित-विराट के रिकॉर्डमुझे लगता है कि 'एक्सपीरिएंस' और 'यूथ' कॉम्बिनेशन होना बहुत जरूरी है. लेकिन, फिटनेस की कीमत पर नहीं. अगर आप टॉप लेवल पर खेलना चाहते हैं. आपको फिट रहना होगा. अगर आप 35 साल के हैं और फिट हैं. तो ये 35 साल मायने नहीं रखते. परफॉर्मेंस 35 और 24 साल के लिए बराबर मायने रखती है. अगर लोग अच्छा कर रहे हैं, तो टीम में रहेंगे. अगर नहीं करेंगे, तो नहीं रहेंगे. लोग अक्सर कहते हैं कि अगला वर्ल्ड कप 3 या 4 साल बाद है. ठीक है. अगर कोई प्लेयर तब तक फिट नहीं है, तो आप उसे टीम से निकाल सकते हैं. अगर वह अच्छी परफॉर्मेंस नहीं कर रहा है, तो आप उसे वैसे भी बाहर कर देंगे. चयन के मामले में किसी भी प्लेयर को लेकर कोई सवाल नहीं होना चाहिए. सिर्फ एक ही क्राइटेरिया है. अगर आप अच्छा कर रहे हैं और फिट हैं. तो खेलते रहिए.
अगर विराट कोहली और रोहित शर्मा की बात की जाए, तो वह मौजूदा समय में टीम इंडिया में सबसे ज्यादा 'अनुभव' वाले प्लेयर हैं. विराट कोहली इंटरनेशनल क्रिकेट में 85 शतकों सहित 28 हजार से ज्यादा रन बना चुके हैं. वहीं, रोहित शर्मा ने 50 सेंचुरीज के जरिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 20 हजार से ज्यादा रन बनाए हैं. टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल से रिटायर हो चुके रोहित और विराट वनडे में जबरदस्त बैटिंग करते हैं.
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