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ऑस्ट्रेलिया में टीम इंडिया के नाम पर लंबी ठगी हो गई

क्रिकेटर्स से मिलने पहुंचे लोगों को पुलिस से मिलकर लौटना पड़ा.

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6 जनवरी 2021 (अपडेटेड: 6 जनवरी 2021, 11:11 AM IST)
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ऑस्ट्रेलिया में एक ठग ने टीम इंडिया के नाम पर मीट एंड ग्रीट प्रोग्राम (फोटो- Social Media) प्लान कर दिया. टिकट भी बेच दिए. प्रोग्राम फेक निकला. (फाइल फोटो- PTI)
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इंडियन क्रिकेट टीम इस समय ऑस्ट्रेलिया में है. टी20 और वनडे सीरीज़ पूरी हो चुकी है. टेस्ट सीरीज चल रही है. एकाध मौकों को छोड़कर टीम इंडिया का प्रदर्शन अब तक अच्छा रहा है. लेकिन इधर कुछ दिन में टीम के नाम के साथ कुछ विवाद ज़रूर जुड़ गए हैं. पहले कोविड प्रोटोकॉल तोड़ने का आरोप लगा और अब एक ऐसा विवाद सामने आया है, जिससे टीम इंडिया का कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन नाम जुड़ गया है. इंडियन क्रिकेट टीम के नाम पर ऑस्ट्रेलिया में एक बड़ी ठगी हो गई है. सिडनी में एक रेस्टोरेंट है – ‘मंजीत्स वहार्फ्स’ (Manjits Wharfs) नाम से. भारतीय खाने का मशहूर रेस्टोरेंट है. इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के मुताबिक – इस रेस्टोरेंट के बाहर पांच जनवरी को करीब 200 लोगों की भीड़ जमा हो गई. ये सभी यहां पहुंचे थे टीम इंडिया के क्रिकेटर्स से मिलने. लेकिन यहां तो ऐसा कोई कार्यक्रम ही नहीं था, जिसमें लोगों को इंडियन क्रिकेटर्स से मिलने का मौका दिया जाना हो. पता चला कि इन लोगों को ठगा गया है. भारतीय क्रिकेटर्स से मिलवाने के नाम पर. कैसे प्लान की पूरी ठगी? ऑस्ट्रेलिया के एक ठग ने एक फेक इवेंट प्लान किया. ‘मीट एंड ग्रीट विद द इंडियन क्रिकेट टीम’. इस फेक इवेंट के फेक टिकट भी छपवा लिए. प्रचार किया कि ये टिकट खरीदिए और क्रिकेटर्स से मिलने का मौका पाइए. वेन्यू - मंजीत्स वहार्फ्स. तारीख़ – 5 जनवरी. टिकट का दाम रखा – 550 ऑस्ट्रेलियन डॉलर. यानी करीब 31 हज़ार रुपए का एक टिकट. 7 जनवरी से सिडनी में ही टेस्ट सीरीज़ का तीसरा मैच भी होना है. इसलिए लोगों ने इस बात पर भरोसा भी कर लिया. जमकर टिकट बिके. लेकिन इस फेक इवेंट की तारीख़ आने से एक-दो दिन पहले मंजीत्स वहार्फ्स के मालिक दीप गुजराल को पता चल गया कि उनके रेस्टोरेंट के नाम पर लोगों को ठगा जा रहा है. उनको अंदेशा था कि 5 तारीख़ को जब सैकड़ों लोग रेस्टोरेंट के बाहर जमा होंगे और उन्हें पता चलेगा कि उन्हें ठगा गया है तो लोगों का गुस्सा भड़क सकता है. इसलिए फौरन पुलिस को जानकारी दी और 5 तारीख़ के लिए सुरक्षा मांगी. पुलिस ने मदद की. रेस्टोरेंट के बाहर 5 तारीख़ को करीब 200 लोग जुटे तो सबको बताया गया कि असल में उनके साथ ठगी हुई है और ऐसा कोई कार्यक्रम नहीं है. हालांकि पुलिस ने उस ठग को भी पकड़ लिया है.

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