देश में मामी फ़िल्म फेस्टिवल होगा. 20 से 28 अक्टूबर. इसमें तमाम देशों की फिल्मेंदिखाई जायेंगी. सीना चौड़ा हो गया इस बात को जानकर कि पाकिस्तान से आई फ़िल्म को बैनकर दिया गया है. देश एकदम सुरक्षित महसूस कर रहा है. अमन-चैन का माहौल है. लोग राहतकी सांस ले रहे हैं. पाकिस्तान से फ़िल्म कौन सी आई थी, ये जानकार क्या करना. 'जागोहुआ सवेरा' नाम हो चाहे कुछ हो. नहीं लगेगी देश में तो ससुर नहीं लगेगी. देश पर आंचनहीं आनी चाहिए. और ये बात सच है कि देश को इस वक़्त सबसे ज़्यादा खतरा पाकिस्तानीकला और कलाकारों से है. बाकी जो घुसपैठ हो रही है, उसको तो देख ही लेंगे. असली खतरातो हमें इन्हीं से था. वो तो सेकंड्री है. खैर, एक लड़का है इंडियन टीम में. लड़काक्या, शादी हो चुकी है. आदमी है. उसने पाकिस्तानी प्लेयर की बड़ाई कर दी. गजब! उसकीइत्ती हिम्मत? मारो! ये आदमी कैसे ऐसे नाज़ुक पल में किसी पाकिस्तानी बॉलर को सपोर्टकर सकता है? कैसे ये उससे कह सकता है कि तुम और अच्छा करो? इसकी इतनी हिम्मत कैसेहुई? खुद को इंडिया को रिप्रेज़ेंट करने वाला कहता है. और ऐसी बातें कहता है? ये वोसमय है, जब हम 'ऐ दिल है मुश्किल' फिल्म पर बैन लगवा रहे हैं क्यूंकि उसमें एकपाकिस्तानी ऐक्टर है. फ़वाद खान को हमने झोला भर लानतें भेजीं और ये आर अश्विन नजाने किस मुंह से यासिर शाह को बधाइयां दे रहा है. मैं चाहूंगा कि देश में फिर सेक्रिकेटरों के घर पर पत्थरबाजी करने के रिवाज़ की शुरुआत की जाए. बहुत टाइम हो गयाहै यार! आखिरी बार युवराज के घर पे पत्थर चलाये थे. इसी बीच हम आगाह कर देते हैं,अश्विन को छोड़कर इंडियन टीम के हर प्लेयर को कि वो किसी चीन के प्लेयर को सपोर्ट नकरने लगें. उन्हें ट्वीट न करें. उनकी हौसलाअफजाई न करें. अगला नंबर चीन का ही है.हमने चीनी झालरें बैन करवा दी हैं. चीन में बने मोबाइल फ़ोन पत्थर से कूंच उसकी भभूतसे मंजन कर लिया है. हमने चाउमीन को उबाल कर कुल्फ़ी पर डालना शुरू कर दिया है. औरमंचूरियन से कह दिया है कि जितना जल्दी हो सके, कमरा खाली कर दे. और तो और, हमनेचाय में चीनी झोंकनी बंद कर दी है. देश में दीवाली सुकून से देशभक्तिमय तरीके सेमनाई जायेगी. इस बीच खबरदार! किसी चाइनीज़ प्लेयर को ट्वीट किया तो. बाकी, चीनी सेनाका क्या है. नॉर्थ-ईस्ट में पत्थर रंग-रंग के जाए. हमारा ही आलता बच रहा है. अश्विनको कोई बता दे कि हम उसके घर आ रहे हैं. अद्धे फेंकने. भारत माता की जय!