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महीना भर न हुआ विजय की सरकार पर करप्शन का आरोप लग गया, टेंडर में हुआ बड़ा खेल?

तमिलनाडु में विपक्षी पार्टी DMK ने सत्ताधारी पार्टी TVK पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं. पार्टी ने आरोप लगाया कि Kancheepuram water tank tender को लेकर एक खास ठेकेदार को फायदा पहुंचाने के लिए CM Vijay की सरकार ने बोली लगाने की टाइमिंग के साथ खेल किया. जानिए आखिर हुआ क्या है.

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सुप्रिया
| शुभम कुमार
21 मई 2026 (अपडेटेड: 21 मई 2026, 10:25 AM IST)
cm vijay government corruption case
तमिलनाडु में TVK सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे. (फोटो-इंडिया टुडे)
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तमिलनाडु के नए सीएम जोसेफ विजय की सरकार पर 11 दिन के अंदर ही करप्शन का आरोप लग गया है. आरोप है कि एक खास ठेकेदार को फायदा पहुंचाने के लिए सुबह 9 बजे टेंडर जारी हुआ, और 3 बजे टेंडर के लिए एप्लीकेशन को क्लोज कर दिया गया. यानी बोली लगाने वालों को सिर्फ़ छह घंटे का समय मिला. आरोप है कि बाकी लोग इस टेंडर के लिए अप्लाई ना कर पाएं और मनपसंद ठेकेदार को ठेका मिल जाए इसलिए टेंडर के लिए इतने कम समय की विंडो दी गई. विवाद के बाद सरकार ने 16 लाख 83 हजार रुपये का ये टेंडर रद्द कर दिया है.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, तमिलनाडु की मुख्य विपक्षी पार्टी DMK के प्रदेश उपाध्यक्ष अमुथरासन ने TVK पर टेंडर को लेकर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया. 19 मई को ग्रामीण विकास विभाग द्वारा टेंडर जारी किया गया. कांचीपुरम जिले में 30,000 लीटर की क्षमता वाली एक ऊंची पानी की टंकी बनाने के लिए टेंडर निकाला गया था. उस दिन दोपहर 3 बजे तक ही एप्लीकेशन जमा किए गए. टेंडर के मुताबिक बोलियां 19 मई को ही शाम 4 बजे खोली जानी थीं.

DMK ने क्या आरोप लगाए?

ग्रामीण विकास मंत्रालय के इस टेंडर के डिटेल्स सोशल मीडिया पर वायरल हुए. लोग सवाल उठाने लगे. स्क्रीनशॉट शेयर किए गए. सीएम विजय को निशाने पर लिया जाने लगा. टेंडर की टाइमिंग को लेकर पारदर्शिता की कमी के भी आरोप लगे. जिसके बाद सीएम विजय की सरकार ने इस टेंडर को ही रद्द कर दिया.

DMK के प्रदेश उपाध्यक्ष अमुथरासन ने टेंडर की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा,

“ये सब किसी खास कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए किया गया है. किसी भी कंपनी के लिए छह घंटे के भीतर विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट यानी DPR करना मुश्किल काम है. और छोटी कंपनियां इतने कम समय में सभी ज़रूरी औपचारिकताओं को कैसे पूरा कर सकती हैं. यह प्रशासनिक तेजी नहीं है. यह पहले से सोची-समझी ठेका राजनीति है.”

इस मुद्दे पर मंत्री एन. आनंद को निशाने पर लेते हुए विपक्ष ने सवाल पूछा कि नई सरकार के सत्ता संभालने के तुरंत बाद इतनी जल्दबाजी क्यों दिखाई गई. विपक्ष ने इस टेंडर प्रक्रिया को Tamil Nadu Transparency in Tenders Act का उल्लंघन बताया. TVK सरकार के विरोधी कह रहे है कि सरकार ने अभी ठीक से काम भी शुरू नहीं किया है और उससे पहले ही सार्वजनिक ठेकों में पारदर्शिता से समझौता कर लिया है.

ये भी पढ़ें: DMK ने तमिलनाडु को 10 लाख करोड़ के कर्ज में छोड़ा? CM विजय के इस दावे में कितनी सच्चाई है

TVK सरकार का एक्शन

विपक्ष और सोशल मीडिया पर उठे सवालों के बीच 19 मई को जारी टेंडर को 20 मई को रद्द कर दिया गया. साथ ही एक एग्जीक्यूटिव इंजीनियर को निलंबित किया गया है. निलंबन का यह आदेश DRDA, कांचीपुरम की प्रोजेक्ट डायरेक्टर के. आरती ने जारी किया है. टेंडर पर करप्शन के आरोपों को इसलिए भी हवा मिली क्योंकि ग्रामीण विकास और पंचायत राज मंत्री और TVK के महासचिव एन. आनंद ने इस विभाग में ठीक एक दिन पहले ही मंत्री पद संभाला था. और उसके अगले दिन ही टेंडर में करप्शन का आरोप लग गया. 

वीडियो: सीएम तो बन गए जोसेफ विजय, असली 'जंग' अभी बाकी है

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