The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • Politics
  • Ram Madhav on US tarrif and russia iran oil deal remark controversy bjp congress

'ईरान-रूस से तेल खरीदना बंद और 50% टैरिफ पर राजी हुए,' US में बोले BJP नेता राम माधव, माफी मांगी

BJP के सीनियर नेता Ram Madhav ने दावा किया कि भारत ने अमेरिका के साथ अच्छे रिश्ते बनाए रखने के लिए Iran और Russia से तेल खरीदना बंद कर दिया. उनके इस बयान पर Congress ने मोदी सरकार को घेर लिया है.

Advertisement
pic
25 अप्रैल 2026 (अपडेटेड: 25 अप्रैल 2026, 09:42 AM IST)
Ram Madhav on US tarrif and russia iran oil deal remark
हडसन इंस्टीट्यूट कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए बीजेपी नेता राम माधव (बाएं) (फोटो: इंडिया टुडे)
Quick AI Highlights
Click here to view more

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सीनियर नेता राम माधव ने अपने एक बयान से भारत सरकार को मुश्किल में डाल दिया है. अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने दावा किया कि भारत ने अमेरिका के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने के लिए भरपूर कोशिश की है. माधव ने कहा कि भारत ने ईरान और रूस से तेल खरीदना बंद कर दिया और अमेरिकी टैरिफ का भी विरोध नहीं किया. उनके इस बयान पर कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधा है.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, वॉशिंगटन में ‘हडसन इंस्टीट्यूट कॉन्फ्रेंस’ में भारत और अमेरिका के बीच भरोसा बढ़ाने पर बोलते हुए BJP नेता राम माधव ने कहा कि भारत ने अमेरिका के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने के लिए क्या नहीं किया. उन्होंने गिनाते हुए कहा, 

“हम कहां पीछे रह गए? हम ईरान से तेल खरीदना बंद करने पर राजी हो गए. विपक्ष की भारी आलोचना के बावजूद, हम रूस से तेल खरीदना बंद करने पर राजी हो गए."

राम माधव एक पैनल चर्चा का हिस्सा थे, जिसमें अमेरिका की पूर्व राजनयिक एलिजाबेथ थ्रेलकेल्ड और अमेरिका के पूर्व उप विदेश मंत्री कर्ट कैंपबेल शामिल थे. उन्होंने यह भी कहा,

“हम 50% टैरिफ पर राजी हो गए, राजी होने का मतलब है कि हमने कुछ नहीं कहा, हमने सब्र किया. 50% टैरिफ पर हम राजी हो गए… नई ट्रेड डील में भी हम 18% टैरिफ पर राजी हो गए, जो पहले से ज्यादा है. मेरा मतलब है एवरेज टैरिफ (से ज्यादा). तो भारत उसमें कहां पीछे रह गया है?"

राम माधव का पैनलिस्ट्स से सवाल था कि आखिर ऐसे कौन से मुद्दे हैं जहां भारत अमेरिका के साथ काम करने में कमी कर रहा है?

कांग्रेस ने घेरा

राम माधव का यह वीडियो सामने आते ही विपक्ष ने उनके इस बयान पर सवाल उठाए. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के प्रशासन को खुश करने के लिए भारत के हितों से समझौता किया है. पार्टी ने 'X' पर लिखा,

“मोदी और उनकी सरकार के सरेंडर होने की कहानी BJP के सीनियर नेता राम माधव बता रहे हैं… इस बात से साफ है कि मोदी वही करते हैं, जो ट्रंप चाहते हैं. पीएम मोदी ट्रंप की ‘कठपुतली’ हैं. यही वजह है कि ट्रंप भारत को 'नरक' बता देते हैं और मोदी की हिम्मत नहीं होती कुछ कहने की. यह साफ है कि नरेंद्र मोदी पूरी तरह से कॉम्प्रोमाइज्ड हैं और इस बात का खामियाजा देश भुगत रहा है.”

वहीं, कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने आरोप लगाते हुए कहा, 

“हमारी पार्टी लगातार यही बात कह रही है कि नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के आगे सरेंडर कर दिया है. अमेरिका पीएम मोदी को किसी बात के लिए ब्लैकमेल कर रहा है और मोदी राष्ट्रहित का समझौता कर रहे हैं. अमेरिका की हर बात मानने की बात तो खुद BJP नेता स्वीकार कर रहे हैं.”

विरोध के बाद मांगी माफी

कांग्रेस के विरोध और वीडियो वायरल होने के बाद राम माधव ने अपने बयान पर सफाई देते हुए माफी मांग ली. उन्होंने ‘X’ पर लिखा,

"मैंने जो कहा वह गलत था. भारत, रूस से तेल का इंपोर्ट कभी भी रोकने के लिए राजी नहीं हुआ. साथ ही, उसने 50% टैरिफ लगाने का भी जोरदार विरोध किया. मैं दूसरे पैनलिस्ट की बात के जवाब में बस एक सीमित-सा तर्क देने की कोशिश कर रहा था. लेकिन, तथ्यों के लिहाज से मेरी बात गलत थी. इसके लिए मैं माफी चाहता हूं."

Ram Madhav
(फोटो: X)

ये भी पढ़ें: 'भारत टैरिफ देगा, हम नहीं,' अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बोले डॉनल्ड ट्रंप

पिछले साल रूसी तेल की खरीद एक बड़ा मुद्दा बन गया था. अमेरिका ने दावा किया था कि भारत का रूसी तेल खरीदना, यूक्रेन के खिलाफ रूस के युद्ध को आर्थिक मदद देने जैसा है. इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने भारतीय इंपोर्ट पर 50% टैरिफ लगा दिया, जिससे दोनों देशों के बीच रिश्ते खराब होने लगे.

हालांकि, भारत ने एक सतर्क रवैया अपनाया और ट्रंप पर सीधा हमला नहीं किया. उसने बैकचैनल कूटनीति के रास्ते खुले रखे. भारत ने रूस से तेल का इंपोर्ट कम तो किया, लेकिन उसे पूरी तरह से बंद नहीं किया. फरवरी में भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील की बात चली, तो दोनों देशों के रिश्ते बेहतर हुए, जिसमें ट्रंप ने टैरिफ घटाकर 18% कर दिया. हालांकि, अभी फाइनल ट्रेड एग्रीमेंट पर साइन नहीं हुए हैं.

वीडियो: आर्टिकल 370: राम माधव ने मुस्कुराते हुए किया इशारा, कौन से वादे 3-4 सालों में पार्टी पूरा कर सकती है

Advertisement

Advertisement

()