संसद में हाथ जोड़े मुस्कुराते जब राहुल गांधी से बतियाने लगे PM मोदी, पता है क्या पूछा?
PM Modi अपनी कार से बाहर निकले और Rahul Gandhi के साथ बातचीत करते दिखे. यह बातचीत भले ही छोटी थी, लेकिन सत्ताधारी BJP और कांग्रेस के बीच अक्सर होने वाली तीखी राजनीतिक नोक-झोंक के बीच यह एक खास पल था.

संसद परिसर से शनिवार, 11 अप्रैल की सुबह एक बेहद खास तस्वीर सामने आई. एक दुर्लभ सीन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी एक साथ गुफ्तगू करते दिखे. इस दौरान राहुल गांधी ने हाथ जोड़कर प्रधानमंत्री मोदी का अभिवादन किया. पीएम मोदी ने भी हाथ जोड़कर उन्हें जवाब दिया. दोनों नेताओं ने बेहद सौहार्दपूर्ण ढंग से आपस में कुछ बातें कीं. ये सब तब हुआ जब प्रधानमंत्री मोदी महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित करने के लिए संसद परिसर में 'प्रेरणा स्थल' पहुंचे थे.
पीएम अपनी कार से बाहर निकले और राहुल गांधी के साथ बातचीत करते दिखे. यह बातचीत भले ही छोटी थी लेकिन सत्ताधारी BJP और कांग्रेस के बीच अक्सर होने वाली तीखी राजनीतिक नोकझोंक के बीच एक खास पल बन गई. इस दौरान दोनों नेताओं को आपस में बात करते हुए देखने के लिए तमाम नेता कुछ पल के लिए वहीं रुक गए.
इस मौके पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, राज्यसभा के पूर्व उपसभापति हरिवंश और अन्य सियासी दिग्गज उपस्थित रहे. एनडीटीवी ने सूत्रों के हवाले से बताया कि इस दौरान पीएम मोदी ने राहुल गांधी से उनकी मां सोनिया गांधी की तबीयत के बारे में पूछा. सोनिया गांधी को 24 मार्च को खराब सेहत के बाद सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया था. 31 मार्च को उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया. पीएम मोदी के पूछने पर राहुल गांधी ने बताया कि सोनिया गांधी की हालत सुधर रही है. इसके जवाब में पीएम मोदी ने संतोष जताया और उन्हें शुभकामनाएं दीं.
पीएम मोदी ने क्या कहा?महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती के मौके पर पीएम मोदी ने लिखा,
राहुल गांधी ने क्या कहा?महात्मा फुले एक महान समाज सुधारक थे. उन्होंने अपना पूरा जीवन शिक्षा, ज्ञान और जन कल्याण को समर्पित कर दिया. वे महिलाओं और हाशिए पर पड़े लोगों के अधिकारों की वकालत करने में हमेशा आगे रहे. महात्मा फुले को उन संस्थाओं के लिए याद किया जाता है, जिनकी उन्होंने स्थापना की और उन आंदोलनों के लिए, जिनका उन्होंने नेतृत्व किया.
राहुल गांधी ने ‘X’ पर अपनी पोस्ट में महात्मा फुले के संघर्ष को याद किया. उन्होंने लिखा,
उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन बहुजनों के हक और अधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित कर दिया. भेदभाव और असमानता के विरुद्ध उनके संघर्ष ने देश को समता और न्याय का मार्ग दिखाया. उनके आदर्श और विचार सदैव हमें सामाजिक न्याय की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते रहेंगे.
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कौन थे महात्मा ज्योतिबा फुले?महात्मा ज्योतिबा फुले का जन्म 11 अप्रैल, 1827 को महाराष्ट्र के सतारा में हुआ था. उन्हें भारत के सामाजिक सुधार आंदोलन का अगुआ माना जाता है. उन्होंने अपनी पत्नी सावित्रीबाई फुले के साथ मिलकर 'सत्यशोधक समाज' की स्थापना की. इस आंदोलन के जरिए उन्होंने महिलाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने और जाति-आधारित भेदभाव को चुनौती देने में अहम भूमिका निभाई.
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