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परिसीमन पर बवाल के बीच अमित शाह ने समझाया सीटों का गणित, बोले- 'दक्षिण भारत में बढ़ेंगी सीटें'

Women Reservation Bill 2026: 16 अप्रैल को केंद्र सरकार के नए बिल में परिसीमन (Delimitation) की प्रक्रिया लागू करने और महिलाओं को संसद में आरक्षण देने का प्रस्ताव रखा गया है. विपक्षी पार्टियों ने विधेयकों का विरोध किया है. गृहमंत्री अमित शाह ने परिसीमन के बाद दक्षिण राज्यों की सीटों का पूरा गणित समझाया है.

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17 अप्रैल 2026 (अपडेटेड: 17 अप्रैल 2026, 11:43 AM IST)
seats after delimitation amit shah
परिसीमन के बाद सीटों में कितना बदलाव होगा
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16 अप्रैल को केंद्र सरकार ने महिला आरक्षण कानून में संशोधन से जुड़े तीन बिल संसद में पेश किए. जिसमें परिसीमन (Delimitation) की प्रक्रिया लागू करने और महिलाओं को संसद में आरक्षण देने का प्रस्ताव रखा गया है. विपक्षी पार्टियों ने इन विधेयकों का विरोध किया है. उनका कहना है कि परिसीमन की वजह से दक्षिणी राज्यों का प्रतिनिधित्व संसद में कम हो जाएगा. गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि बिल पारित होने के बाद सांसदों की संख्या 543 से बढ़कर 850 हो जाएगी, लेकिन दक्षिण भारत की प्रतिनिधित्व क्षमता पर कोई असर नहीं पड़ेगा. 

लोकसभा में प्रियंका गांधी की स्पीच के बाद गृहमंत्री ने दक्षिण के पांच राज्य- कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, केरल और तमिल नाडु के बारे में बात की. उन्होंने कहा कि फिलहाल लोकसभा में 543 सीटों में दक्षिण से 129 सांसदों की भागीदारी है. परिसीमन के बाद 850 सीटों पर 195 सांसद दक्षिण से होंगे. यानी दक्षिण की हिस्सेदारी लोकसभा में 23.76 प्रतिशत से बढ़कर 23.97 हो जाएगी. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक़, गृहमंत्री ने पांचों राज्यों की सीटों का गणित समझाया है. 

कर्नाटक: कर्नाटक का लोकसभा में प्रतिनिधित्व 5.15 प्रतिशत है. बिल पारित होने और संविधान संशोधन होने के बाद कर्नाटक के सांसदों की संख्या 28 से बढ़कर 42 हो जाएगी. लोकसभा में कर्नाटक का प्रतिनिधित्व 5.14 प्रतिशत हो जाएगा. 

आंध्र प्रदेश: आंध्र प्रदेश का जिक्र करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि अभी राज्य की लोकसभा में 25 सीटें हैं यानी 4.60 प्रतिशत प्रतिनिधित्व है. इस बिल के पास होने के बाद आंध्र प्रदेश की सीटें 38 सीटें हो जाएंगी और लोकसभा में राज्य की हिस्सेदारी 4.65 फीसदी हो जाएगी. 

तेलंगाना: गृहमंत्री ने कहा कि अभी 543 सीटों के सदन में तेलंगाना की सीटें 17 हैं, लोकसभा में तेलंगाना की हिस्सेदारी 3.13 प्रतिशत है. परिसीमन के बाद तेलंगाना की लोकसभा सीटें 26 हो जाएंगी और हिस्सेदारी बढ़कर 3.18 प्रतिशत.  

केरल: केरल के बारे में शाह ने कहा कि प्रदेश में अभी 20 सीटें हैं और यहां की हिस्सेदारी 3.68 प्रतिशत है. लेकिन परिसीमन लागू होने के बाद केरल की सीटें 30 हो जाएंगी और हिस्सेदारी 3.67 प्रतिशत हो जाएगी.  

तमिलनाडु: होम मिनिस्टर अमित शाह ने कहा कि अभी लोकसभा में तमिलनाडु के 39 सांसद हैं, और लोकसभा में तमिलनाडु का प्रतिनिधित्व 7.18 प्रतिशत है, परिसीमन के बाद तमिलनाडु के सांसदों की संख्या बढ़कर 59 हो जाएगी और तमिलनाडु की हिस्सेदारी 7.23 प्रतिशत हो जाएगी. इस बिल का विरोध करते हुए डीएमके के संसद काले कपडे पहनकर सदन में आए थे. 

गृहमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर विपक्ष ये जानना चाहता है कि ये आंकड़े कहां से आए तो उन्हें बैठकर सुनना होगा. उन्होंने कहा कि वो ‘किंडरगार्टन में पढ़ने वाले बच्चे की भाषा में समझाएंगे.’ तीनों बिलों पर 17 अप्रैल को शाम 4 बजे वोटिंग होगी. सरकार ने 12 घंटे चर्चा का समय तय किया है. 

ये भी पढ़ें: लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े 3 बिल पेश, परिसीमन पर संग्राम, पूरा मामला समझ लें यहां

विपक्ष विरोध क्यों कर रहा? 

द हिंदू ने अपनी एक रिपोर्ट में लिखा है कि अगर ये प्रस्ताव लागू हो जाते हैं, तो हिंदी भाषी राज्यों (हिंदी हार्टलैंड) की लोकसभा सीटों की हिस्सेदारी 38.1% से बढ़कर 43.1% हो जाएगी. लेकिन साउथ के राज्यों की हिस्सेदारी घटकर 24.3% से 20.7% रह जाएगी. इसी बात पर विपक्ष विरोध कर रहा है. विपक्षी पार्टियों ने कहा है कि वे महिलाओं के रिजर्वेशन का समर्थन करती हैं, लेकिन इसे डिलिमिटेशन से जोड़ने का विरोध करती हैं. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष महिला आरक्षण का पूरी तरह समर्थन करता है लेकिन डिलिमिटेशन का विरोध करेगा.

वीडियो: दी लल्लनटॉप शो: विपक्ष को महिला आरक्षण स्वीकार, परिसीमन पर रार, संसद में फंसेगा मामला?

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