The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • Politics
  • bihar politics lalu yadav nitish kumar sons tej pratap yadav nishant kumar health ministry

निशांत बने स्वास्थ्य मंत्री तो क्यों याद आए तेज प्रताप? लालू-नीतीश के बेटों के बीच अजब संयोग

Bihar Politics: लालू और नीतीश कुमार दोनों की राजनीतिक यात्रा एक-दूसरे से जुड़ी रही है. अजब संयोग है कि दोनों के बेटे को पहली बार मंत्री बनने पर एक ही मंत्रालय मिला है. तेज प्रताप यादव जब मंत्री बने थे तो स्वास्थ्य मंत्रालय मिला था और अब निशांत को भी यही मिला है.

Advertisement
pic
8 मई 2026 (अपडेटेड: 8 मई 2026, 12:47 PM IST)
bihar politics lalu yadav nitish kumar
लालू यादव-नीतीश कुमार ने जेपी आंदोलन के बाद राजनीति में कदम रखा. (फोटो-इंडिया टुडे)
Quick AI Highlights
Click here to view more

बिहार की राजनीति में अब प्रमुख पार्टियों, जैसे कि आरजेडी, जेडीयू और एलजेपी (आर) की कमान दूसरी पीढ़ी ने संभाल ली है. राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की बागडोर तेजस्वी यादव के हाथों में हैं. लोकजनशक्ति पार्टी (रामविलास) (LJP-R) के चिराग पासवान ने अपने पिता की विरासत को संभाल लिया है. वहीं, जनता दल यूनाइटेड (JDU) की विरासत भी अगली पीढ़ी तक बढ़ा दी गई है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल में नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने स्वास्थ्य मंत्री के तौर पर काम संभाल लिया है.  

बिहार में कभी धुर विरोधी, तो कभी सहयोगी रहे लालू यादव और नीतीश कुमार के राजनीतिक करियर में भी कई संयोग रहे हैं. जेपी आंदोलन के दौरान बिहार में युवा आंदोलनकारियों की एक बड़ी खेप तैयार हुई. उसमें लालू भी थे, पासवान भी, शरद कुमार और नीतीश कुमार भी. जनता पार्टी 1988 में जनता दल हुआ. 90 के दशक के शुरुआत तक दोनों ही जनता दल के बैनर तले राजनीति करते थे. जनता दल का चुनाव निशान तब चक्र हुआ करता था. फिर आया 1994 का साल. नीतीश कुमार ने लालू यादव के जनता दल से अलग होकर पार्टी बना ली.

नीतीश और लालू के बीच अजब संयोग

इसी पार्टी का नाम आगे चलकर जनता दल यूनाइटेड (JDU) हुआ. और 1997 में लालू यादव ने RJD यानी राष्ट्रिय जनता दल का गठन किया. नीतीश कुमार और लालू यादव दोनों ने एक साथ अपना राजनीतिक सफर शुरू किया था. दोनों ही बिहार के मुख्यमंत्री रह चुके हैं. केंद्र सरकार में भी अलग-अलग समय पर एक ही पोर्टफोलियो पर काम किया. अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में नीतीश रेल मंत्री रहे. वहीं, लालू यादव 2004 से 2009 तक मनमोहन सिंह की सरकार में रेल मंत्री रहे.

ये भी पढ़ें: नीतीश कुमार के इंजीनियर बेटे रखेंगे 'JDU का ख्याल', कौन हैं निशांत कुमार

तेज प्रताप के बाद अब निशांत भी बने स्वास्थ्य मंत्री

इसी तरह का संयोग सेकंड जनरेशन में भी देखने को मिला. निशांत कुमार की तरह ही लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने भी पहली बार मंत्री बनने पर बिहार सरकार में हेल्थ मिनिस्टर का पद संभाला था. इसके इतर वो पर्यावरण मंत्री भी रहे हैं. निशांत कुमार फिलहाल विधानसभा या विधान परिषद के सदस्य नहीं हैं, लेकिन माना जा रहा है कि जल्द ही वह विधान परिषद के सदस्य बनेंगे. यह संयोग ही है कि लालू और नीतीश दोनों बिहार के सीएम रहे और दोनों ने केंद्र में रेल मंत्री का पद संभाला. अब दोनों के बेटे भी एक ही मंत्रालय के मंत्री बने हैं. हालांकि, तेज प्रताप यादव अब परिवार और पार्टी से अलग अपनी राजनीतिक जमीन तलाश रहे हैं. 

लेकिन इस जनरेशन में सब कुछ पूरी तरह ठीक भी नहीं है. 2025 में लालू यादव ने अपने बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को पार्टी और घर से बेदखल कर दिया था. उनकी बेटी रोहिणी आचार्य और तेजस्वी यादव के रिश्तों में भी खटास आ गई. तेज प्रताप यादव ने अपनी बहनों को सपोर्ट किया था. उधर, निशांत कुमार भी अब तक पॉलिटिक्स से दूर रहे. और अपने पिता के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद ही राजनीति में कदम रखा. जेडीयू नीतीश कुमार की पार्टी है और राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनके कोर वोटर लव-कुश को जोड़े रखने और पार्टी में अंदरुनी टूट को बचाने के लिए निशांत को आगे बढ़ाया गया है.

वीडियो: निशांत कुमार ने अपने पिता नीतीश कुमार के बारे में क्या बताया?

Advertisement

Advertisement

()