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चुभती-जलती घमौरियों से कैसे मिलेगी राहत? डॉक्टर से जानिए कारगर टिप्स

Heat Rash: आमतौर पर घमौरियां दो से तीन दिनों में ठीक हो जाती हैं. लेकिन अगर विटामिन C की कमी हो, इम्यूनिटी कमजोर हो या आप पानी कम पीते हों, तो घमौरियों की समस्या लंबे समय तक रह सकती है.

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home remedies for prickly heat rash
ज्यादा पसीना आने पर घमौरियां हो जाती हैं
28 जून 2024 (Updated: 28 जून 2024, 14:43 IST)
Updated: 28 जून 2024 14:43 IST
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हमारी एक व्यूअर हैं सुनीता. मेरठ में रहती हैं. वैसे तो उन्हें खाना पकाने का बहुत शौक है. लेकिन, इन दिनों किचन में गैस के पास खड़े होकर खाना बनाना किसी मुसीबत से कम नहीं. इतनी उमस और गर्मी जो है. पसीना खूब आता है. इस वजह से सुनीता के चेहरे, गर्दन और पीठ पर घमौरियां हो गई हैं. इनमें खुजली भी बहुत होती है. स्किन लाल पड़ गई है. एक हफ्ते से ज्यादा हो गया है, पर ये ठीक नहीं हो रहीं. सुनीता का कहना है कि मौसम का तो कुछ नहीं कर सकते. खाना बनाना भी नहीं छोड़ सकतीं. ऐसे में वो क्या करें जिससे घमौरियों की दिक्कत खत्म हो जाए.

घमौरियां, जिसे अंग्रेजी में प्रिकली हीट रैश (Prickly Heat Rash) कहते हैं, गर्मियों की एक बहुत ही आम समस्या है. कई लोग इससे परेशान रहते हैं. इसलिए आज हम डिटेल में इस पर बात करेंगे. डॉक्टर से जानेंगे कि गर्मियों में घमौरियों की समस्या क्यों होती है? घमौरियां कितने समय में ठीक हो जाती हैं? घमौरियों से बचने के लिए क्या करें और इसका इलाज क्या है?

गर्मियों में घमौरियों की समस्या क्यों होती है?

ये हमें बताया डॉक्टर दीपाली भारद्वाज ने. 

डॉ. दीपाली भारद्वाज, कंसल्टेंट डर्मेटोलॉजिस्ट, मैक्स हॉस्पिटल, नई दिल्ली

प्रिकली हीट रैश को मेडिकल भाषा में मिलिरिया रूब्रा (Miliaria rubra) कहा जाता है. आम भाषा में इसे गर्मी के दाने या घमौरियां भी कहते हैं. बच्चों और बुजुर्गों में घमौरियां बहुत आम हैं. ये उन लोगों को भी बहुत होती हैं, जो गर्मी में खाना बनाते हैं. या ऐसे पेशे में हैं जिसकी वजह से उन्हें पसीना खूब आता है. घमौरियां गर्मियों में ज्यादा इसलिए होती हैं क्योंकि इस वक्त पसीना बहुत आता है. पसीना ज्यादा आने से पसीने की ग्रंथियां सिकुड़ जाती हैं. वो बंद भी हो सकती हैं. इस ब्लॉकेज से शरीर पर छोटे-छोटे दाने दिखाई देते हैं, जिन्हें घमौरियां कहते हैं.

घमौरियां कितने समय में ठीक हो जाती हैं?

आमतौर पर घमौरियां दो से तीन दिनों में ठीक हो जाती हैं. लेकिन केवल तब, जब व्यक्ति के शरीर में विटामिन सी (Vitamin C) की कमी न हो. अगर विटामिन सी की कमी है, शरीर की इम्यूनिटी कमजोर है या पानी कम पीते हैं. तो घमौरियां लंबे समय तक भी रह सकती हैं. इसके अलावा जिन्हें सोरायसिस (Psoriasis), एक्ज़िमा (Eczema), एलर्जी, एटोपिक डर्मेटाइटिस (Atopic Dermatitis) या डैंड्रफ (Dandruff) है, तो उनके शरीर में पसीने की वजह से घमौरियां बढ़ सकती हैं.

घमौरियों से बचने के लिए सुबह-शाम नहाएं
घमौरियों से बचने के लिए क्या कर सकते हैं?

- पानी ज्यादा पिएं

- सुबह-शाम नहाएं

- नहाने के लिए किसी रंगीन साबुन की बजाए आर-पार दिखने वाला साबुन या लिक्विड साबुन इस्तेमाल करें

- हो सके तो शरीर में जहां घमौरियां हुई हैं, वहां बर्फ मल लें

- आप दही भी लगा सकते हैं. हालांकि दही रोज न लगाएं, एक दिन छोड़कर लगा सकते हैं

- जहां घमौरियां हो रही हैं, वहां दही लगाएं, फिर 5-10 मिनट बाद नहा लें 

- नहाने के बाद पाउडर का इस्तेमाल जरूर करें

- अगर आपको पिछले साल घमौरियां हुई थीं, तो इस बार पहले ही पाउडर का इस्तेमाल शुरू कर दें

- पाउडर में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होने चाहिए

- कूलिंग एजेंट जैसे मिंथॉल और एलोवेरा, स्किन को आराम देंगे

- साथ ही, पाउडर में परफ्यूम भी कम होना चाहिए

- गर्मियों में अपनी डाइट में विटामिन सी की मात्रा बढ़ाएं

- मौसमी फल का ज्यादा सेवन करें, जैसे- संतरा, नींबू, आंवला, आम आदि. इनमें ढेर सारा विटामिन सी होता है, खूब खाएं

- पीले रंग के फलों और सब्जियों में विटामिन सी पाया जाता है, जो शरीर और स्किन की इम्यूनिटी बढ़ाता है

- साथ ही, घमौरियां से लड़ने की शक्ति भी बढ़ाता है.

अगर आपको घमौरियां हो गई हैं तो भी आप ये नुस्खे अपना सकते हैं. इसके साथ ही गर्मियों में ढीले कपड़े पहनें. चुस्त कपड़े सर्दियों के लिए रख दें. उन्हें गर्मियों में इस्तेमाल न करें. रात को सोते समय आपकी चादर आरामदेह हो. चादर ऐसी न हो जिसकी वजह से आपको पसीना आए. उसका रंग गाढ़ा न हो और उसमें ऐसा मैटेरियल भी इस्तेमाल न किया गया हो जिससे पसीना आए. समस्या फिर भी ठीक नहीं होती है तो आप डॉक्टर को दिखाएं. कुछ आम दवाइयों से घमौरियां का इलाज आसानी से किया जा सकता है.

(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से जरूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)

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