यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञोंके अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूरपूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.सेहत में हम आपसे कहते हैं कि आपको कोई भी मेडिकल प्रॉब्लम हो. स्वास्थ्य से जुड़ाकोई सवाल हो तो हमसे पूछें. हम आप तक सही जानकारी लाने की पूरी कोशिश करेंगे. तोभई, एक सवाल है जो पिछले दो महीनों में हमसे ख़ूब पूछा गया. सवाल इतना मुश्किल था किहमें समझ में नहीं आ रहा था इसका जवाब दें कैसे. क्या है वो सवाल? बेटा कैसे पैदाकरें. हमें कई मेल्स आए हैं जिसमें लोगों ने हमसे ट्रिक्स पूछी है. ट्रिक्स बेटापैदा करने की. एक व्यूअर हैं. बाराबंकी की रहने वाली हैं. शादी के सात साल हो गएहैं. दो बेटियां हो चुकी हैं. उनपर घरवालों का बहुत प्रेशर है. बेटा पैदा करने काप्रेशर. तो वो हर मुमकिन कोशिश कर रही हैं.बेटा हो या बेटी...एक ही बात है! बच्चे के जेंडर के चक्कर में मां की सेहत सेखिलवाड़ न करेंनीम-हकीम से लेकर गूगल पर मौजूद ट्रिक्स ट्राई कर रही हैं. जो सलाह उन्हें दी जारही है आंख बंद करके मान रही हैं. किसी ने कहा बेटा चाहिए तो दूध, दही, पनीर खानाछोड़ दो. आलू खाओ. केला खाओ. लाल मांस खाओ. नारियल का कच्चा बीज खाएं. और ऐसा सिर्फ़इनके साथ नहीं है. हिंदुस्तान में करोड़ों औरतों से उल-जुलूल चीज़ें करवाई जाती हैंताकि सुपुत्र पैदा हो. तो भई बेटा कैसे पैदा होगा? जवाब है ठीक वैसे ही जैसे बेटीपैदा होती है. क्योंकि बच्चा लड़का होगा या लड़की, ये औरत के हाथ में नहीं होता. किसीके बस में नहीं होता. पेट में बच्चा लड़का है या लकड़ी ये कैसे तय होता है. ये एकडॉक्टर से सुनिए.बेटा होगा या बेटी, ये कैसे तय होता है?इस बारे में हमें और बताया डॉक्टर धुरूपती ने.डॉक्टर धुरूपती देधिया, स्त्रीरोग विशेषज्ञ, महाराष्ट्रा-सेक्स के दौरान आदमी का सीमन (वीर्य) औरत की वजाइना के रास्ते अंदर जाता है, उसकीसिर्फ़ एक बूंद थैली के अंदर जा पाती है, एक बूंद में हज़ारों स्पर्म (शुक्राणु) होतेहैं-स्पर्म दो तरह के होते हैं. पहले X क्रोमोज़ोम वाले. दूसरे Y क्रोमोज़ोम वाले-जब X क्रोमोज़ोम वाला स्पर्म औरत के अंडे से मिलता है तो लड़की बनती है-जब Y क्रोमोज़ोम वाला स्पर्म औरत के अंडे से मिलता है तो लड़का बनता है-ये औरत के खाने, पीने, या कुछ भी करने से तय नहीं होता कि कौन सा स्पर्म उसके अंडेसे मिलेगा-अगर पुरुष के स्पर्म में X क्रोमोज़ोम ज़्यादा होते हैं तो लड़की होने के चांस बढ़जाते हैं-अगर पुरुष के स्पर्म में Y क्रोमोज़ोम ज़्यादा होते हैं तो लड़के होने के चांस बढ़जाते हैंस्पर्म दो तरह के होते हैं. X क्रोमोज़ोम और Y क्रोमोज़ोम-ये जेनेटिक होता है. कई परिवारों में लड़के ज़्यादा पैदा होते हैं. कई परिवारों मेंलड़कियां ज़्यादा पैदा होती हैं-आप पहले से ऐसा कुछ भी नहीं कर सकते जो बच्चे का जेंडर तय करता है-स्पर्म का साइज़ बहुत छोटा होता है. उसे आंखों से नहीं देख सकते, जेनेटिक टेस्टिंगसे ही पता चल पाता है कि X वाला स्पर्म कौन सा है और Y वाला कौन साये करने से नहीं होगा कोई फ़ायदा-पपीता, गेंहू खाने से कोई फ़ायदा नहीं है-तारीख के हिसाब से सेक्स करने से बेटा पैदा नहीं होता. कई लोगों को लगता है चाइनीज़साइंस से पता चल जाता है लड़का होगा या लड़की. इस बात का कोई साइंटिफ़िक तर्क नहीं हैतो जो लोग लड़का पैदा करने की ट्रिक्स हमसे, डॉक्टरों से पूछते हैं या गूगल पर सर्चकरते हैं उनके लिए जवाब यही है कि ऐसी कोई ट्रिक नहीं है. आप कुछ भी कर लें, पहलेसे सुनिश्चित नहीं कर सकते कि बेटा होगा या बेटी. इसलिए लड़के की चाह में औरत कीसेहत के साथ खिलवाड़ करना और लड़की पैदा होने पर उस पर दोष मढ़ना बंद कर दीजिए.-------------------------------------------------------------------------------- वीडियो