लड़कियों को गोल्ड डिगर बताते, उनके हिप्स छूने वाले ये ‘प्रैंक’ वीडियो जी घिना देते हैं!
सबकुछ जानकर भी इसे देखने वाले हम और आप ही हैं.

एक लड़का पैदल कहीं जा रहा है. रास्ते में रुककर एक लड़की से कोई पता पूछता है. लड़की कहती है- “मैं बिज़ी हूं”. लड़का फिर पूछता है, लड़की का फिर वही जवाब. बहुत देर इसी झक्क-झांय के बाद लड़की, लड़के को पता बताती है. वो पता एक कैफे का होता है. अब लड़के का नया सवाल- “इस कैफे में आप चलोगी मेरे साथ?” अब लड़की बिदक जाती है. लड़का-लड़की अपने-अपने रास्ते.
थोड़ी देर में फिर से वो लड़का आता है. इस बार पैदल नहीं, एक चौकस स्पोर्ट्स बाइक पर. लड़की बाइक देखते ही बौरा जाती है. अब वो लड़के को अपनी तरफ से कहती है कि तुम जिस कैफे में चलने को कह रहे थे, वहां चलते हैं. ‘OMG मेरी फेवरेट बाइक’ वाली बात भी हो जाती है. लड़की सिर्फ बाइक के नाते, आइ रिपीट- सिर्फ बाइक के नाते, लड़के के साथ चलने को तैयार हो जाती है. लड़के के कंधे सहलाते हुए “तुम तो बड़े डैशिंग” हो टाइप बी ग्रेड फिल्मों के डायलॉग भी हो जाते हैं. फिर लड़का स्वैग में आकर बोलता है –
ये कहकर वो चला जाता है. लड़का हीरो. लड़की गोल्ड डिगर. वीडियो देखिए.
यूट्यूब पर ऐसे हज़ारों वीडियो मौजूद हैं. Gold Digger Prank तो बाकायदा कीवर्ड चलता है. ये वीडियो बनाने वाले यूट्यूबर मोहित सैनी तमाम इसी तरह के वीडियो बनाते हैं, जिसमें लड़की को कत्तई गोल्ड डिगर साबित किया जाता है. प्रैंक वीडियोज़ का छिछलापन यहीं नहीं रुकता. प्रैंक के नाम पर कभी कोई किसी लड़की को राह चलते चूम लेता है. कोई उनके ब्रेस्ट्स दबाकर भाग जाता है. कोई उनकी चिमटी काट लेता है. कोई राह चलते लड़की के हिप्स पर हाथ मारता है. बैकग्राउंड में हंसने की आवाज़ आती है. लोग मज़े लेकर देखते हैं. वीडियो को लाखों-लाख व्यूज़ मिलते हैं.
ये वीडियो देखिए. लड़का पार्क में घूम-घूमकर लड़कियों से अपनी जींस की ज़िप बंद करा रहा है.
इस वीडियो की शुरुआत में ही भाईसाब बोलते हैं कि “आज हम कोई ब्यूटी फंसाने वाले हैं”. फिर वीडियो ख़त्म होते-होते लड़की को गोल्ड डिगर साबित कर जाते हैं.
अब आप कहेंगे कि सायरस बरूचा का नाम में P कहां है? हम कहेंगे- हे हे, प्रैंक मारा.
ओके सॉरी. मान लिया कि ये PJ था. लेकिन अपने देश में प्रैंक कल्चर की शुरुआत तो इसी बंदे ने की. सायरस का शो ‘MTV बकरा’ जबरदस्त हिट रहा. 1999 में शुरू हुए शो ‘बकरा’ में दिखाए जाने वाले प्रैंक ओरिजिनल, विटी, स्पॉन्टेनियस और क्लीन होते थे. जिसने प्रैंक्स का एक बेंचमार्क सेट किया. और साथ ही सिग्नेचर लाइन भी दी –
शुरुआती दौर के अच्छे प्रैंक शोज़ में ‘NDTV छुपा रुस्तम’ का नाम भी शामिल किया जाना चाहिए. इन शोज़ ने प्रैंक को एक पहचान दी और आर्टिस्ट लोगों के ज़ेहन में ये बात ला दी कि इस तरह से भी कॉन्टेंट निकाला जा सकता है.
कहां से बिगड़ा प्रैंक का चेहरा2010 के बाद अमेरिका के एक प्रैंकस्टर का नाम तेजी से उभरा- सैम पेप्पर. ज़रा इनका ये वीडियो देखिए.
वीडियो 2015 का है. वीडियो में सैम ने अपना एक हाथ जैकेट के अंदर डाल रखा है. लड़कियों के पास जाकर उनसे रास्ता पूछता है. लड़की रास्ता बताने लगती है. वो अपने हाथ से उनके हिप्स पर मारता है. लड़की चौंक जाती है. फिर वो कैमरे की तरफ़ इशारा करता है. लड़की खीझकर मुस्कुरा देती है.
इस तरह के प्रैंक्स करके सैम ने अपनी फैन-फॉलोइंग बनाई. इस वीडियो के बाद यूट्यूब पर इस तरह के ‘प्रैंक’ वीडियोज की भरमार आ गई. एंटरटेनमेंट के नाम पर यौन शोषण की भरमार हो गई.
फिर भारत में ट्रेंड2017 में ‘द क्रेज़ी सुमित चैनल’ ने एक वीडियो उपलोड किया. ये एक इंडियन चैनल है. इसमें वो अनजान लड़कियों को सड़क चलते चूम लेता था. अगर साथ में कोई पुरुष होता तो उसके चेहरे पर केक फ़ेंक देता था.
हालांकि आसपास खड़े लोगों को ये ‘मज़ाक’ मज़ाक नहीं लगा. और उन्होंने सुमित को पकड़ लिया. सुमित को माफ़ी मांगनी पड़ी. दिल्ली महिला आयोग ने ट्विटर से ये वीडियो हटाने के लिए भी कहा. जिनके साथ सुमित ने ऐसा किया, पुलिस ने उन लड़कियों से अपील की कि वो सामने आएं. शिकायत लिखवाएं. सुमित के खिलाफ़ एफ़आईआर भी दर्ज हुई. लेकिन यहां से प्रैंक के नाम पर यौन शोषण का ट्रेंड भारत में भी चल पड़ा.
इन प्रैंक्स पर धड़ाधड़ व्यूज़भारत में फिलहाल मोहित सैनी, विनय ठाकुर, पारस ठकराल जैसे यूट्यूबर्स जहां गोल्ड डिगिंग प्रैंक्स धड़ाधड़ बना रहे हैं. वहीं लड़कियां भी पीछे नहीं हैं. अन्नू सिंह के वीडियो आप देख सकते हैं.
लड़कियों के ब्रेस्ट साइज पर कॉमेंट्स से भरा ये वीडियो बॉडी शेमिंग से भरा पड़ा है. अन्नू सिंह के तमाम वीडियो बॉडी शेमिंग और थंब इमेज में ‘ब्रा-पैंटी’ जैसे शब्दों को ठूंसकर व्यूज़ लाने के अतुल्य प्रयास के उदाहरण हैं. शायद उन्हें पता है कि सोशल मीडिया की जनता के लिए ब्रा, पैंटी अभी भी एक अलग किस्म की फैंटेसी हैं. जिसे वो अब तक किसी दूसरे कपड़े के नीचे सूखता हुआ ही देखते आए हैं. इस जनता को जब ऐसे शब्द भर ही खुलेआम सुनने, देखने में आते हैं तो वे मृगमरीचिका में खिंचे आते हैं. शायद यूट्यूबर्स का ये ऑब्जर्वेशन एक हद तक सही भी है. तभी इन वीडियोज़ पर भयंकर व्यूज़ आते हैं.
प्रैंक करने वाले लोग आखिर ये सब करते क्यों हैं?YouTube पर Prank एक तगड़ा कीवर्ड है. कॉन्टेंट क्रिएटर्स जब अपने वीडियो में Prank कीवर्ड डालते हैं तो वीडियो की रीच भी बढ़ती है. वीडियो तेजी से अपनी टारगेट ऑडियंस की तरफ भी दौड़ता है. YouTube के ढूंढने वाले डब्बे में आपको Prank लिखना भर है. बाकी का काम अपना यूटूब कर देगा. झउवा भर सजेशन देकर.
एक सांस में पढ़ने वाले को इनाम. छोटी इ, बड़ी ई की मात्रा पर ज्ञान न देना. इनाम में छोटी, ईमान में बड़ी. ख़ैर.
मामला स्क्रिप्टेड है!जब आप ये प्रैंक वीडियोज़ देखेंगे तो एक बात ये अखरेगी कि यार गुरु, ये सब इतनी सहजता से कैसे हुआ जा रहा है? जिन पर प्रैंक हो रहा है, वो कहीं से सरप्राइज़ तक नहीं दिखते. बाकायदा डायलॉग डिलिवरी करते जान पड़ते हैं. हमने सोचा कि ये बात जब हमें अखर रही है तो वीडियो देखने वाले लाखों जागरूक नागरिकों को नहीं समझ आती क्या? इसलिए हम पहुंचे एकाध वीडियो के कॉमेंट बॉक्स में.
ज़रा कॉमेंट्स पढ़िए.
“लड़की की ओवरएक्टिंग के 50 रुपये काटो.” “सिर्फ लेजेंड्स जानते हैं कि ये स्क्रिप्टेड है.” “उन लोगों के लिए दिली दुआ, जो सोचते हैं कि ये रियल वीडियो है.”
ये वीडियोज़ देखकर आप आसानी से समझ सकते हैं कि इनमें से अधिकतर स्क्रिप्टेड हैं, जिसमें यूट्यूबर्स/एक्टर्स बाकायदा तैयारी के साथ काम करते हैं. ये बात देखने वाले भी समझ रहे हैं. फिर भी सम्मोहन ऐसा है कि ‘नादान’ खिंचे चले आते हैं.
ये ग़लत है, क्राइम है‘प्रैंक’ का नाम देकर इस तरह के यौन शोषण को सस्ते में निपटा दिया जाता है. क्योंकि ये कैमरे पर हो रहा है. व्यू पाने की चाह में यूट्यूब पर डाला जा रहा है. इसलिए कोई इसे गंभीरता से नहीं लेता. कई बार तो पीड़ित पर भी ‘स्पोर्टी’ होने का दबाव बन जाता है. पर गंभीरता से लेना चाहिए. ये अपराध है.
# अभी बीती फरवरी में ही मुंबई में तीन यूट्यूबर्स को अश्लील प्रैंक वीडियो बनाने, उन्हें अपलोड करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. हिंदुस्तान टाइम्स की ख़बर के मुताबिक उन पर भी यही आरोप थे कि प्रैंक वीडियो बनाने के नाम पर इन्होंने लड़कियों को ग़लत तरीके से छुआ, यौन शोषण किया, अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया. लड़कियों ने शिकायत की, जिसके बाद ये अरेस्ट हुए.
# ऐसे केसेज़ में इनमें से एक या ज़्यादा धाराएं लग सकती हैं
IPC की धारा 292 – अश्लील कॉन्टेंट बेचना. धारा 294 – पब्लिक प्लेस पर अश्लील काम करना या कोई ऐसा काम करना, जिससे किसी को समस्या होती हो. धारा 509 – किसी महिला के सम्मान को ठेस पहुंचाना. धारा 34 – किसी अपराध में साथ देना या देखकर अनजान बने रहना. ये धारा वीडियो बनाने में साथ देने वालों पर लग सकती है.
इसके अलावा Information Technology Act और Indecent Representation of Women’s (Prevention) Act के तहत भी केस दर्ज हो सकता है.

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