दिल्ली चुनाव में कांग्रेस ने इन 10 महिला नेताओं पर भरोसा जताया है
कांग्रेस ने सबसे ज्यादा महिलाओं को टिकट दिया है.
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तस्वीर में बाएं से दाएं- अलका लाम्बा, राधिका खेड़ा, और पूनम आज़ाद. (सभी तस्वीरे साभार : फेसबुक पेज)
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दिल्ली में चुनाव हो रहे हैं. 8 फरवरी को वोटिंग होगी. दिल्ली की सभी 70 विधानसभा सीटों पर. नतीजे 11 फरवरी को आएंगे. सभी पार्टियों ने अपने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी है. कांग्रेस ने सबसे ज्यादा महिला उम्मीदवारों को टिकट दिया है. 10 सीटों पर. आइये जानते हैं उन महिलाओं के बारे में जिन पर इस बार कांग्रेस ने भरोसा जताया है.
1. अमर लता सांगवान
कहां से लड़ेंगी– तिमारपुर.
अभी क्या हैं- नगर निगम पार्षद हैं.

(तस्वीर साभार: फेसबुक)
राजनीतिक करियर- 2012 में निर्दलीय चुनाव लड़ा था. MCD का. तिमारपुर से ही. उसमें जीत नहीं पाई थीं. 2017 के दिल्ली MCD इलेक्शन में कांग्रेस की तरफ से लड़ीं. इस बार जीतीं. अब कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव में उतारा है. तिमारपुर सीट पर इस वक्त AAP के पंकज पुष्कर विधायक हैं. इस बार इस सीट पर आम आदमी पार्टी ने दिलीप पांडे और बीजेपी ने सुरेन्द्र सिंह बिट्टू को टिकट दिया है.
2. आकांक्षा ओला
कहां से लड़ेंगी– मॉडल टाउन
अभी क्या हैं- महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव एवं महाराष्ट्र महिला कांग्रेस की प्रभारी
(तस्वीर साभार: फेसबुक)
राजनीतिक करियर – राजनीतिक परिवार से आती हैं. पिता और ससुर दोनों ही राजनीति में एक्टिव रहे. इनके पिता कुंवर कारन सिंह मॉडल टाउन सीट से तीन बार विधायक रह चुके हैं. 1998 से 2013 तक. ससुर ब्रिजेन्द्र ओला शेखावाटी राजस्थान की पॉलिटिक्स में बड़ा नाम हैं. शीशराम ओला, जो राजस्थान के दिग्गज जाट नेता रहे, ये उन्हीं का परिवार है. शीशराम ओला झुंझुनूं से सांसद रह चुके हैं. सास राजबाला ओला भी झुंझुनू जिले की पार्टी प्रमुख रह चुकी हैं. इस वक्त इस सीट से आम आदमी पार्टी के आकांक्षापति त्रिपाठी विधायक हैं. इन्होंने 2015 के विधानसभा चुनावों में बीजेपी के विवेक गर्ग को 16,706 वोटों से हराया था. इस बार भी आम आदमी पार्टी ने त्रिपाठी पर दांव खेला है. बीजेपी ने कपिल मिश्रा को टिकट दिया है.
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3. अल्का लाम्बा
कहां से लड़ेंगी- चांदनी चौक
अभी क्या हैं- उम्मीदवार
(तस्वीर साभार: फेसबुक)
राजनीतिक करियर- 1994 में ही NSUI (नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया- कांग्रेस पार्टी का छात्र संगठन) की सदस्य बन गई थीं. 95 में दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ की प्रेसिडेंट बनीं. NSUI की प्रेसिडेंट भी रहीं. 20 साल तक कांग्रेस के साथ रहने के बाद 2013 में आम आदमी पार्टी में आईं. 2015 में विधानसभा चुनाव जीतकर विधायक बनीं. 2019 में AAP छोड़ दी. दल बदल कानून के चलते विधायकी छिन गई. कांग्रेस में लौटीं. चांदनी चौक सीट की बात करें तो 1998 से लेकर 2013 तक ये सीट कांग्रेस की रही. 2015 में लाम्बा ने बीजेपी के सुमन कुमार गुप्ता को 18,287 वोटों से हराया था. इस बार उनका मुकाबला AAP के परलाद सिंह साहनी से है जो इसी सीट पर चार बार कांग्रेस विधायक रह चुके हैं. BJP ने सुमन कुमार गुप्ता को टिकट दिया है.
4. कृष्णा तीरथ
कहां से लड़ेंगी- पटेल नगर
अभी क्या हैं- उम्मीदवार
(तस्वीर साभार: फेसबुक)
राजनीतिक करियर- कांग्रेस से इनका राजनीतिक करियर शुरू हुआ. वर्ष 1993, 1998 व 2003 में विधायक रहीं. 1998 में शीला दीक्षित की सरकार में सामाजिक कल्याण मंत्री बनीं. 2004 में हुए लोकसभा चुनावों में दिल्ली की नॉर्थ वेस्ट सीट से जीतकर सांसद बनीं. 2009 में फिर जीतीं. UPA 2 के दौरान महिला और बाल विकास मंत्रालय में राज्यमंत्री थीं. 2015 में कांग्रेस छोड़कर BJP में गईं. विधानसभा चुनावों में पटेल नगर से चुनाव लड़ा. लेकिन AAP के हजारी लाल चौहान ने 34,638 वोटों से हरा दिया. इस बार AAP ने इस सीट से राज कुमार आनंद को टिकट दिया है. वहीं बीजेपी ने प्रवेश रतन को उतारा है.
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5. राधिका खेड़ा
कहां से लड़ेंगी- जनकपुरी
अभी क्या हैं- कांग्रेस की नेशनल मीडिया को-ऑर्डिनेटर हैं
(तस्वीर साभार: फेसबुक)
राजनीतिक करियर – दिल्ली प्रदेश यूथ कांग्रेस (नजफगढ़) की जनरल सेक्रेटरी रहीं. 2012 में इंडियन यूथ कांग्रेस की दिल्ली स्टेट जनरल सेक्रेटरी बनीं. दिल्ली प्रदेश कांग्रेस की सोशल मीडिया चेयरपर्सन भी रहीं. इस बार जनकपुरी से उन्हें कांग्रेस ने टिकट दिया है . इस सीट पर 1993 से 2015 तक बीजेपी के प्रोफ़ेसर जगदीश मुखी विधायक रहे. 2015 के विधानसभा चुनाव में AAP के राजेश ऋषि ने प्रोफेसर मुखी को 25,580 वोटों से हराया था. इस बार भी AAP ने राजेश ऋषि को ही टिकट दिया है. बीजेपी ने आशीष सूद को टिकट दिया है.
6. प्रियंका सिंह
कहां से लड़ेंगी- आर के पुरम
अभी क्या हैं- दिल्ली महिला कांग्रेस की वाइस प्रेसिडेंट हैं
(तस्वीर साभार: फेसबुक)
राजनीतिक करियर – 2008 से ये राजनीति में एक्टिव रही हैं. इनके पिता भी कांग्रेस से जुड़े रहे, उन्होंने हाल में ही पार्टी छोड़ी है. आर के पुरम सीट पर 1998 से 2013 तक कांग्रेस का कब्जा रहा. 2013 में AAP ने इस सीट से शाजिया इल्मी को टिकट दिया, लेकिन वो हार गईं. उनके सामने थे बीजेपी के अनिल शर्मा. 2015 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की परमिला टोकस ने बीजेपी के अनिल शर्मा को 19, 068 वोटों से हराया था. इस बार AAP और BJP दोनों ने ही अपने कैंडिडेट दोहराए हैं इस सीट पर.
7. नीतू वर्मा
कहां से लड़ेंगी- मालवीय नगर
अभी क्या हैं- ऑल इंडिया महिला कांग्रेस की जनरल सेक्रेटरी हैं.
(तस्वीर साभार: फेसबुक)
राजनीतिक करियर- 2001 में दिल्ली यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स यूनियन की प्रेसिडेंट रहीं. 2002 से 2007 तक MCD की पार्षद रहीं. 2009 -2010 में इंडियन यूथ कांग्रेस की सेक्रेटरी रहीं. 2017 में भी MCD का चुनाव लड़ा था लेकिन उसमें बीजेपी से राधिका अबरोल जीती थीं. इस बार कांग्रेस ने मालवीय नगर से टिकट दिया है. 1998 से 2013 तक ये सीट कांग्रेस के पास थी. 2013 और 2015 में AAP के सोमनाथ भारती ने इस सीट पर जीत दर्ज की. इस बार AAP ने सोमनाथ भारती को दोबारा टिकट दिया है, और BJP ने शैलेन्द्र सिंह मोंटी को उतारा है.
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8. पूनम आज़ाद
कहां से लड़ेंगी- संगम विहार
अभी क्या हैं- उम्मीदवार
(तस्वीर साभार: फेसबुक)
राजनीतिक करियर- काफी समय तक भाजपा की प्रवक्ता रहीं. राष्ट्रीय कार्यकारिणी में भी शामिल रहीं. भाजपा की दिल्ली ईकाई की उपाध्यक्ष भी रह चुकी हैं. इनके पति कीर्ति आज़ाद दरभंगा से सांसद थे, बीजेपी के टिकट पर. लेकिन उन्हें पार्टी ने आपसी मतभेद के बाद निलंबित कर दिया था. भाजपा छोड़कर ये आम आदमी पार्टी में शामिल हुईं. कुछ ही महीनों में आप को छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गईं. अब कांग्रेस ने मालवीय नगर सीट से इन्हें टिकट दिया है. इस सीट पर 2015 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के दिनेश लाल मोहानिया ने बीजेपी के शिव चरण लाल गुप्ता को 43,988 वोटों से हराया था. इस बार आप ने अपने कैंडिडेट दिनेश मोहानिया को ही दोबारा टिकट दिया है. वहीं बीजेपी ने इस बार कोई कैंडिडेट नहीं उतारा है.
9. शिवानी चोपड़ा
कहां से लड़ेंगी- कालकाजी
अभी क्या हैं- उम्मीदवार
(तस्वीर साभार: फेसबुक)
राजनीतिक करियर- दिल्ली कांग्रेस चीफ सुभाष चोपड़ा की बेटी हैं. पहला चुनाव है. लंदन में कानून की पढ़ाई करके लौटी हैं. कालकाजी में अपना इलेक्शन ऑफिस खोला है, अब जनसंवाद कर रही हैं. कालकाजी सीट पर अवतार सिंह कालकाजी विधायक थे. इस वक़्त वहां पर MLA की सीट खाली है. 2015 में अवतार सिंह ने बीजेपी के हरमीत सिंह कालका को 19,769 वोटों से हराया था. इस बार आम आदमी पार्टी ने इस सीट से आतिशी मर्लेना को टिकट दिया है. बीजेपी ने धर्मवीर सिंह को टिकट दिया है.
10. अन्वीक्षा त्रिपाठी जैन
कहां से लड़ेंगी- बाबरपुर
अभी क्या हैं- उम्मीदवार
(तस्वीर साभार: फेसबुक)
राजनीतिक करियर- पहला चुनाव है. इनके ससुर कैलाश जैन उत्तर-पूर्वी दिल्ली के कांग्रेस जिलाध्यक्ष रह चुके हैं. इस बार कांग्रेस ने अन्वीक्षा को यहां से टिकट दिया है. इस सीट पर 1993 से लेकर 2015 तक के विधानसभा चुनावों में चार बार बीजेपी, एक बार कांग्रेस, और एक बार आम आदमी पार्टी ने जीत हासिल की है. 2015 में हुए विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के गोपाल राय ने जीत हासिल की. उन्होंने बीजेपी के नरेश गौर को 35,488 वोटों से हराया. इस बार के चुनाव में भी आम आदमी पार्टी की तरफ से गोपाल राय ही मैदान में हैं. बीजेपी ने भी नरेश गौर को ही टिकट दिया है.
वीडियो: दिल्ली विधानसभा चुनाव में BJP ने जिन 4 औरतों पर भरोसा जताया, उनके बारे में जानिए
1. अमर लता सांगवान
कहां से लड़ेंगी– तिमारपुर.
अभी क्या हैं- नगर निगम पार्षद हैं.

(तस्वीर साभार: फेसबुक)
राजनीतिक करियर- 2012 में निर्दलीय चुनाव लड़ा था. MCD का. तिमारपुर से ही. उसमें जीत नहीं पाई थीं. 2017 के दिल्ली MCD इलेक्शन में कांग्रेस की तरफ से लड़ीं. इस बार जीतीं. अब कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव में उतारा है. तिमारपुर सीट पर इस वक्त AAP के पंकज पुष्कर विधायक हैं. इस बार इस सीट पर आम आदमी पार्टी ने दिलीप पांडे और बीजेपी ने सुरेन्द्र सिंह बिट्टू को टिकट दिया है.
2. आकांक्षा ओला
कहां से लड़ेंगी– मॉडल टाउन
अभी क्या हैं- महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव एवं महाराष्ट्र महिला कांग्रेस की प्रभारी
(तस्वीर साभार: फेसबुक)राजनीतिक करियर – राजनीतिक परिवार से आती हैं. पिता और ससुर दोनों ही राजनीति में एक्टिव रहे. इनके पिता कुंवर कारन सिंह मॉडल टाउन सीट से तीन बार विधायक रह चुके हैं. 1998 से 2013 तक. ससुर ब्रिजेन्द्र ओला शेखावाटी राजस्थान की पॉलिटिक्स में बड़ा नाम हैं. शीशराम ओला, जो राजस्थान के दिग्गज जाट नेता रहे, ये उन्हीं का परिवार है. शीशराम ओला झुंझुनूं से सांसद रह चुके हैं. सास राजबाला ओला भी झुंझुनू जिले की पार्टी प्रमुख रह चुकी हैं. इस वक्त इस सीट से आम आदमी पार्टी के आकांक्षापति त्रिपाठी विधायक हैं. इन्होंने 2015 के विधानसभा चुनावों में बीजेपी के विवेक गर्ग को 16,706 वोटों से हराया था. इस बार भी आम आदमी पार्टी ने त्रिपाठी पर दांव खेला है. बीजेपी ने कपिल मिश्रा को टिकट दिया है.
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3. अल्का लाम्बा
कहां से लड़ेंगी- चांदनी चौक
अभी क्या हैं- उम्मीदवार
(तस्वीर साभार: फेसबुक)राजनीतिक करियर- 1994 में ही NSUI (नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया- कांग्रेस पार्टी का छात्र संगठन) की सदस्य बन गई थीं. 95 में दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ की प्रेसिडेंट बनीं. NSUI की प्रेसिडेंट भी रहीं. 20 साल तक कांग्रेस के साथ रहने के बाद 2013 में आम आदमी पार्टी में आईं. 2015 में विधानसभा चुनाव जीतकर विधायक बनीं. 2019 में AAP छोड़ दी. दल बदल कानून के चलते विधायकी छिन गई. कांग्रेस में लौटीं. चांदनी चौक सीट की बात करें तो 1998 से लेकर 2013 तक ये सीट कांग्रेस की रही. 2015 में लाम्बा ने बीजेपी के सुमन कुमार गुप्ता को 18,287 वोटों से हराया था. इस बार उनका मुकाबला AAP के परलाद सिंह साहनी से है जो इसी सीट पर चार बार कांग्रेस विधायक रह चुके हैं. BJP ने सुमन कुमार गुप्ता को टिकट दिया है.
4. कृष्णा तीरथ
कहां से लड़ेंगी- पटेल नगर
अभी क्या हैं- उम्मीदवार
(तस्वीर साभार: फेसबुक)राजनीतिक करियर- कांग्रेस से इनका राजनीतिक करियर शुरू हुआ. वर्ष 1993, 1998 व 2003 में विधायक रहीं. 1998 में शीला दीक्षित की सरकार में सामाजिक कल्याण मंत्री बनीं. 2004 में हुए लोकसभा चुनावों में दिल्ली की नॉर्थ वेस्ट सीट से जीतकर सांसद बनीं. 2009 में फिर जीतीं. UPA 2 के दौरान महिला और बाल विकास मंत्रालय में राज्यमंत्री थीं. 2015 में कांग्रेस छोड़कर BJP में गईं. विधानसभा चुनावों में पटेल नगर से चुनाव लड़ा. लेकिन AAP के हजारी लाल चौहान ने 34,638 वोटों से हरा दिया. इस बार AAP ने इस सीट से राज कुमार आनंद को टिकट दिया है. वहीं बीजेपी ने प्रवेश रतन को उतारा है.
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5. राधिका खेड़ा
कहां से लड़ेंगी- जनकपुरी
अभी क्या हैं- कांग्रेस की नेशनल मीडिया को-ऑर्डिनेटर हैं
(तस्वीर साभार: फेसबुक)राजनीतिक करियर – दिल्ली प्रदेश यूथ कांग्रेस (नजफगढ़) की जनरल सेक्रेटरी रहीं. 2012 में इंडियन यूथ कांग्रेस की दिल्ली स्टेट जनरल सेक्रेटरी बनीं. दिल्ली प्रदेश कांग्रेस की सोशल मीडिया चेयरपर्सन भी रहीं. इस बार जनकपुरी से उन्हें कांग्रेस ने टिकट दिया है . इस सीट पर 1993 से 2015 तक बीजेपी के प्रोफ़ेसर जगदीश मुखी विधायक रहे. 2015 के विधानसभा चुनाव में AAP के राजेश ऋषि ने प्रोफेसर मुखी को 25,580 वोटों से हराया था. इस बार भी AAP ने राजेश ऋषि को ही टिकट दिया है. बीजेपी ने आशीष सूद को टिकट दिया है.
6. प्रियंका सिंह
कहां से लड़ेंगी- आर के पुरम
अभी क्या हैं- दिल्ली महिला कांग्रेस की वाइस प्रेसिडेंट हैं
(तस्वीर साभार: फेसबुक)राजनीतिक करियर – 2008 से ये राजनीति में एक्टिव रही हैं. इनके पिता भी कांग्रेस से जुड़े रहे, उन्होंने हाल में ही पार्टी छोड़ी है. आर के पुरम सीट पर 1998 से 2013 तक कांग्रेस का कब्जा रहा. 2013 में AAP ने इस सीट से शाजिया इल्मी को टिकट दिया, लेकिन वो हार गईं. उनके सामने थे बीजेपी के अनिल शर्मा. 2015 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की परमिला टोकस ने बीजेपी के अनिल शर्मा को 19, 068 वोटों से हराया था. इस बार AAP और BJP दोनों ने ही अपने कैंडिडेट दोहराए हैं इस सीट पर.
7. नीतू वर्मा
कहां से लड़ेंगी- मालवीय नगर
अभी क्या हैं- ऑल इंडिया महिला कांग्रेस की जनरल सेक्रेटरी हैं.
(तस्वीर साभार: फेसबुक)राजनीतिक करियर- 2001 में दिल्ली यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स यूनियन की प्रेसिडेंट रहीं. 2002 से 2007 तक MCD की पार्षद रहीं. 2009 -2010 में इंडियन यूथ कांग्रेस की सेक्रेटरी रहीं. 2017 में भी MCD का चुनाव लड़ा था लेकिन उसमें बीजेपी से राधिका अबरोल जीती थीं. इस बार कांग्रेस ने मालवीय नगर से टिकट दिया है. 1998 से 2013 तक ये सीट कांग्रेस के पास थी. 2013 और 2015 में AAP के सोमनाथ भारती ने इस सीट पर जीत दर्ज की. इस बार AAP ने सोमनाथ भारती को दोबारा टिकट दिया है, और BJP ने शैलेन्द्र सिंह मोंटी को उतारा है.
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8. पूनम आज़ाद
कहां से लड़ेंगी- संगम विहार
अभी क्या हैं- उम्मीदवार
(तस्वीर साभार: फेसबुक)राजनीतिक करियर- काफी समय तक भाजपा की प्रवक्ता रहीं. राष्ट्रीय कार्यकारिणी में भी शामिल रहीं. भाजपा की दिल्ली ईकाई की उपाध्यक्ष भी रह चुकी हैं. इनके पति कीर्ति आज़ाद दरभंगा से सांसद थे, बीजेपी के टिकट पर. लेकिन उन्हें पार्टी ने आपसी मतभेद के बाद निलंबित कर दिया था. भाजपा छोड़कर ये आम आदमी पार्टी में शामिल हुईं. कुछ ही महीनों में आप को छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गईं. अब कांग्रेस ने मालवीय नगर सीट से इन्हें टिकट दिया है. इस सीट पर 2015 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के दिनेश लाल मोहानिया ने बीजेपी के शिव चरण लाल गुप्ता को 43,988 वोटों से हराया था. इस बार आप ने अपने कैंडिडेट दिनेश मोहानिया को ही दोबारा टिकट दिया है. वहीं बीजेपी ने इस बार कोई कैंडिडेट नहीं उतारा है.
9. शिवानी चोपड़ा
कहां से लड़ेंगी- कालकाजी
अभी क्या हैं- उम्मीदवार
(तस्वीर साभार: फेसबुक)राजनीतिक करियर- दिल्ली कांग्रेस चीफ सुभाष चोपड़ा की बेटी हैं. पहला चुनाव है. लंदन में कानून की पढ़ाई करके लौटी हैं. कालकाजी में अपना इलेक्शन ऑफिस खोला है, अब जनसंवाद कर रही हैं. कालकाजी सीट पर अवतार सिंह कालकाजी विधायक थे. इस वक़्त वहां पर MLA की सीट खाली है. 2015 में अवतार सिंह ने बीजेपी के हरमीत सिंह कालका को 19,769 वोटों से हराया था. इस बार आम आदमी पार्टी ने इस सीट से आतिशी मर्लेना को टिकट दिया है. बीजेपी ने धर्मवीर सिंह को टिकट दिया है.
10. अन्वीक्षा त्रिपाठी जैन
कहां से लड़ेंगी- बाबरपुर
अभी क्या हैं- उम्मीदवार
(तस्वीर साभार: फेसबुक)राजनीतिक करियर- पहला चुनाव है. इनके ससुर कैलाश जैन उत्तर-पूर्वी दिल्ली के कांग्रेस जिलाध्यक्ष रह चुके हैं. इस बार कांग्रेस ने अन्वीक्षा को यहां से टिकट दिया है. इस सीट पर 1993 से लेकर 2015 तक के विधानसभा चुनावों में चार बार बीजेपी, एक बार कांग्रेस, और एक बार आम आदमी पार्टी ने जीत हासिल की है. 2015 में हुए विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के गोपाल राय ने जीत हासिल की. उन्होंने बीजेपी के नरेश गौर को 35,488 वोटों से हराया. इस बार के चुनाव में भी आम आदमी पार्टी की तरफ से गोपाल राय ही मैदान में हैं. बीजेपी ने भी नरेश गौर को ही टिकट दिया है.
वीडियो: दिल्ली विधानसभा चुनाव में BJP ने जिन 4 औरतों पर भरोसा जताया, उनके बारे में जानिए

