किस्सा 1977-78 का है. देश पहली बार गैर कांग्रेसी सरकार देख रहा था. अटल बिहारीवाजपेयी विदेश मंत्रालय संभाल रहे थे. वह पाकिस्तान के आधिकारिक दौरे पर गये. विदेशमंत्री का प्रोटोकॉल होता है. आना-जाना, मिलना-जुलना सब पहले से तय होता है. अटलबिहारी वाजपेयी के लिए भी प्रोटोकॉल था. उन्हें वह मेंटेन करना था. लेकिन वह नहींमाने. उन्हें फैज़ से मिलना था. वो प्रोटोकॉल तोड़ कर फैज़ से मिलने उनके घर गए.