रांची में भाजपा में शामिल होने से पहले चम्पाई सोरेन ने झारखंड में आदिवासियों केअस्तित्व पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि झामुमो में चिंताओं को व्यक्त करने केलिए कोई मंच नहीं है. उन्होंने 5 साल में राष्ट्रीय सम्मेलन नहीं आयोजित करने केलिए हेमंत सोरेन की आलोचना की और झामुमो के भीतर आदिवासियों की देखभाल की कमी कोउजागर किया. अधिक जानने के लिए यह वीडियो देखें.