जब भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी-सऊदी तेलटैंकरों की गति धीमी हो गई, तो भारत में ईंधन संकट का खतरा मंडराने लगा. वैश्विकतेल आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा इस महत्वपूर्ण मार्ग से होकर गुजरता है, इसलिए किसीभी तरह की रुकावट का सीधा असर ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ता है. लेकिन इस अनिश्चित स्थितिमें, रूस एक भरोसेमंद सहयोगी के रूप में सामने आया.