घर के सामने बग़ीचा होने का सपना कौन नहीं देखता. कौन नहीं सोचता कि उस बग़ीचे मेंबैठ नरम घास पर पैर फेरते हुए दिन को बीतते देखें. कलमवीरों ने इस पर किताबें लिखदीं, कवियों ने अनेक कविताएं. लेकिन ब्रिटेन के एक शख्स के साथ कुछ ऐसा हो गया किशायद अब वो जिंदगी में कभी बगीचे में नहीं बैठेगा. इस अंग्रेज के लिए बगीचे मेंबैठने का अनुभव ‘लाइफ़टाइम हॉरर’ में बदल गया. देखें वीडियो.