जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप शनिवार 25 दिसंबर को फ़्रेंच गुयाना स्थित यूरोपियनस्पेसपोर्ट से लॉन्च किया गया. 5 बजकर 55 मिनट पर जैसे ही रॉकेट बूस्टर से अलग हुआ,14 देशों के हज़ारों इंजीनियर्स और वैज्ञानिकों की सांस में सांस आई. कारण कि हमारेलिए जो सिर्फ़ एक वैज्ञानिक कौतूहल है. उसमें लगी है हज़ारों वैज्ञानिकों की 4करोड़ घंटे की मेहनत. और 7 हज़ार 500 करोड़ की लागत. तब जाकर मानवता के सैकड़ोंसालों के इस सपने को उड़ान मिली है. नासा के इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की आगे कीयोजना क्या है? अपनी यात्रा की शुरुआत कर चुका जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप किन-किनपड़ावों से होकर गुजरेगा? और दुनिया भर के खगोलविदों की इससे क्या-क्या आशाएं जुड़ीहैं?