साल भर ट्रिपल तलाक़ बिल पर खूब बातें हुईं. सड़क से लोकर सुप्रीम कोर्ट और फिरसुप्रीम से लेकर संसद तक इस मुद्दे को लेकर गरमागर्मी रही. चार दिन पहले यानी 27दिसंबर को ट्रिपल तलाक़ बिल एक बार फिर चर्चा के लिए लोकसभा में पहुंचा. कई विपक्षीदल बिल के विरोध में सदन से वाकआउट कर गए. जिसके बाद सदन में वोटिंग हुई. नतीज़ा येरहा कि लोकसभा में बहुमत से ट्रिपल तलाक़ बिल पारित हो गया. आज बारी थी, जब ट्रिपलतलाक़ बिल राज्यसभा में पेश होता.अगर सरकार इस बिल को राज्यसभा में भी पारित करा लेजाती तो ये उसकी बड़ी जीत होती. विपक्षी दलों ने बिल को लेकर ग़ुलाम नबी आज़ाद केचेंबर में मीटिंग भी की. राज्यसभा में बिल को सलेक्ट कमेटी पर भेजने और न भेजने कोलेकर विरोध हुआ. नतीजे में हंगामा हुआ, राज्यसभा की कार्यवाही 2 जनवरी तक के लिए टलगई.