रूस से सस्ता तेल लेने के लिए मोदी सरकार की तारीफ भारत में ही नहीं, पाकिस्तान मेंभी हुई है. याद कीजिए इमरान खान के वो भाषण. जिनमें वो कहा करते थे कि देखिए कैसेPM मोदी अमेरिका को भी साध रहे हैं, और रूस से सस्ता तेल भी ले रहे हैं. ये बातअपनी जगह है कि बड़े दिनों से भारत में पेट्रोल-डीज़ल के दाम नहीं बढ़े, लेकिन जनताजानना तो चाहती ही है कि अगर वाकई हमें तेल सस्ता मिल रहा है, तो ग्राहक के लिए दामकब कम होंगे. दूसरी बड़ी समस्या अंतरराष्ट्रीय मंचों की है. यूरोप की तरफ से भारतपर लगातार उंगली उठाई जा रही है. डॉ जयशंकर बार-बार इन उंगलियों को मरोड़ तो रहेहैं, लेकिन इस मौके का इस्तेमाल भारत की ऑइल इकॉनमी को समझने के लिए किया जा सकताहै.