एक बेहद संवेदनशील राज्य है. जो पिछले 24 घंटे से हिंसा की चपेट में है. गोलियां चलरही हैं. लोग मारे जा रहे हैं. लगातार हो रही हिंसा, जान-माल को नुकसान के बावजूदये हिंसाग्रस्त राज्य पक्ष-विपक्ष के एजेंडे में क्यों नहीं है और पूर्वोत्तर कोलेकर बड़े-बड़े दावे करने वाली मोदी सरकार करीब एक महीने से चल रही हिंसा को अब तकरोक क्यों नहीं पाई है? मणिपुर में सुरक्षाबलों और उग्रवादियों के बीच अब भीएनकाउंटर जारी है. संवेदनशील इलाक़ों की पहचान की गई है और उग्रवादी समूहों केख़िलाफ़ ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक़, सरकार ने राज्य मेंइंटरनेट बैन को 31 मई तक बढ़ा दिया है.