जावधपुर यूनिवर्सिटी में रैगिंग पीड़ित लड़के की मौत गिरकर हुई. या वो उस रात केट्रॉमा को बर्दाश्त नहीं कर पाया और खुद को खत्म करने के लिए उसने छलांग लगा दी. याफिर उसे धकेला गया और उसकी हत्या कर दी गई. इन सारे सवालों की गुत्थियां पुलिससुलझाएगी और अदालत सजा देगी. पर सवाल ये है जब रैगिंग के ऐसे संगीन मामले आ रहे हैंतो देश में रैगिंग के खिलाफ अलग से कोई कानून क्यों नहीं है.