जब हम कहते हैं 2002 के गुजरात दंगे, तो वो कोई एक हिंसक घटना नहीं है. गुजरात केअलग-अलग हिस्सों में हिंसा भड़की थी. मुख्यतः 9 बड़ी जगहों पर ख़ून-ख़राबा हुआ था.आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक़, इन दंगों में 1 हज़ार 44 लोग मारे गए थे. 223 लापताहुए थे और 2,500 घायल. मृतकों में 790 मुसलमान थे और 254 हिंदू. अहमदाबाद के दोइलाक़े -- नरोदा पाटिया और नरोदा गाम. इन दोनों जगहों पर भयानक क़त्ले आम हुआ था.दोनों जगहों में कुल ढाई किलोमीटर का फ़ासला है. और, दोनों ही सेंट्रल अहमदाबाद केनॉर्थ-ईस्ट में पड़ती है. दोनों ही बस्तियों में मुसलमान बहुसंख्य हैं. नरोदापाटिया नरसंहार में 97 लोग मारे गए थे और नरोदा गाम में 11 लोगों की हत्या की गईथी. हम नरोदा गाम कह रहे हैं, क्योंकि गुजराती में गाम माने गांव. भूमिका हमने बतादी. अब नरोदा गाम मामले में क्या हुआ था, वो शुरू से बताते हैं.