सोशल लिस्ट में आज बात माघ मेले की. प्रयागराज के माघ मेले में मौनी अमावस्या यानी18 जनवरी के स्नान के वक्त शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को प्रशासन ने रोकदिया, जिसके बाद बवाल मच गया. रोके जाने के बाद शंकराचार्य धरने पर बैठ गए और मेलाप्राधिकरण ने उनके शिविर में लगे उस बोर्ड पर आपत्ति जता दी, जिसमें उन्हें‘ज्योतिष पीठ का शंकराचार्य’ लिखा गया है. प्रशासन का कहना है कि ये मामला सुप्रीमकोर्ट में चल रहा है. वहीं सोशल मीडिया पर इसको लेकर जबरदस्त बहस छिड़ी है, कुछ लोगइसे संत और सनातन परंपरा का अपमान बता रहे हैं, तो कुछ लोग कानून-व्यवस्था और भीड़कंट्रोल के नाम पर प्रशासन का समर्थन कर रहे हैं.