एक कहावत है- दूध का जला छाछ भी फूंक-फूंक कर पीता है. तीन साल के भीतर ही पांचप्राइवेट बैंकों की बर्बादी देख चुके लोग, अब एक बुरी आहट पर भी हरकत में आ जातेहैं. करीब 78 साल पुराने आरबीएल बैंक (RBL Bank- पहले रत्नाकर बैंक) के एमडी औरसीईओ विश्ववीर आहूजा अचानक छुट्टी पर क्या चले गए, बैंक की माली हालत को लेकरअटकलों का बाजार गर्म हो गया. तभी पता चला कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) नेआरबीएल बैंक के बोर्ड में निगरानी के लिए अपना आदमी नियुक्त कर दिया है. फिर क्याथा. बैंक की तकदीर को लेकर मीडिया रिपोर्ट्स, ब्रोकरेज और रेटिंग फर्मों ने नईइबारतें लिखनी शुरू कर दीं. नतीजा सोमवार 27 दिसंबर को शेयर मार्केट में दिखा.देखें वीडियो.