RSS Chief Mohan Bhagwat ने मणिपुर की स्थिति को संबोधित करते हुए समाज को यह तयकरने की आवश्यकता पर जोर दिया कि क्या किसी को स्व-उद्घोषणा के बजाय उनके नेककार्यों के आधार पर देवता के रूप में सम्मानित किया जा सकता है. सार्वजनिक धारणा औरनेतृत्व की भूमिका पर उनकी टिप्पणियां देखें.