कोरोना वायरस की वजह से 25 मार्च से देश में लॉकडाउन लगा. दो-ढाई महीने तक सब कुछबंद रहा. दुकानें, मॉल, ऑफिस. जब सब बंद हुआ, तो कई लोगों की आमदनी रुक गई. दुकानेंबंद होने से दुकानदारों की. ऑफिस बंद होने से नौकरी-पेशा लोगों को सैलरी नहीं मिली.शहरों में नौकरी करने वाले अधिकांश लोग किराये के मकानों में रहते हैं. दुकानेंकिराये पर चलती हैं. छोटे से लेकर बड़े ऑफिस भी किराए के मकानों में ही चलते हैं.ऐसे में लॉकडाउन के बीच समस्या आई किराये के भुगतान की. कुछ सरकारों ने मकानमालिकों से अपील की. कहा कि किरायेदारों से तीन महीने का किराया फिलहाल न लें. बादमें भले ही ले सकते हैं.