9 फरवरी को पाकिस्तान के स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान ने बताया कि उनके खजाने मेंविदेशी मुद्रा भंडार यानी foreign exchange reserves महज़ 2.9 मिलियन डॉलर रह गयाहै. रिपोर्ट्स के मुताबिक़ पाकिस्तान के ऊपर इस वक्त 103 मिलियन डॉलर का कर्ज होचुका है. वहीं 10 दिन तक चली मीटिंग के बाद IMF की टीम भी पाकिस्तान को क़र्ज़ दिएबिना ही वापस लौट गई है. हालांकि IMF ने पैसे देने के संबंध में कई तरह की शर्तेंरखी हैं लेकिन पाकिस्तान इन्हें पूरा करने में समर्थ होता नहीं दिख रहा है. ऐसे मेंसबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या पाकिस्तान डिफॉल्टर घोषित हो सकता है? और इससे बचनेके लिए पाकिस्तान के सामने क्या रास्ता है? ऐसे सभी सवालों के जवाब जानेंगे इसवीडियो में.