सरकारी नियमों में छेड़छाड़ कैसे कालाबाजारियों के लिए कमाई का बड़ा जरिया बन जातीहै, इसकी मिसाल सामने आई है. स्वतंत्र पत्रकारों के ग्रुप ‘द रिपोर्टर्स कलेक्टिव’(The Reporters’ Collective) ने दालों की खरीद और प्रोसेसिंग के एक पुराने विवादितमामले में नए आरटीआई जवाबों के हवाले से कुछ चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. दावाकिया गया है कि खरीद-बिक्री की सरकारी एजेंसी नैफेड (NAFED) की दाल प्रोसेसिंग कीनीलामी के नियमों में बदलाव होने से चार साल के भीतर ही मिल मालिकों ने करीब 4600करोड़ रुपये की कमाई कर डाली. करीब 5.4 लाख टन दालों को खरीद और प्रोसेसिंग के बादकेंद्रीय योजनाओं के तहत गरीबों और रक्षा सेवाओं के लिए वितरित किया जाना था. लेकिनदालों की खराब क्वालिटी और कई दूसरी वजहों से बहुत से राज्यों ने दालें केंद्र कोलौटा दी थीं. विवाद बढ़ने के बाद केंद्र सरकार ने इस पर जांच भी बिठाई थी. पत्रकारश्रीगिरीश जलिहल और नितिन सेठी की रिपोर्ट को वेबसाइट ‘द वायर’ ने भी प्रकाशित कियाहै. देखिए वीडियो.