एक वेबसीरीज आई है. नाम बहुत सटीक लगा. फर्जी. काम भी सही लगा. शाहिद कपूर और विजयसेतुपती का. पर शाहिद कपूर और उनके दोस्त जो पर्दे के उस तरफ काम कर रहे थे, वोबहुत गड़बड़ चीज है. माने घर बैठे नोट छापना औ र फिर फुल अय्याशी. मगर गुरु अय्याशीके बाद लगती है लंका. चिंता ना करिए, हम इसकी कहानी नहीं सुनाने जा रहे. हम बताएंगेइन फर्जी नोटों की कहानी. क्या वाकई ये घर पर बन सकते हैं, इतना हलुआ काम है क्याये?पर हां, एक मिनट रुको. मन में लड्डू तो नहीं फूट रहा. सोचना भी मत. ऐसी कोई भीकोशिश आपको जेल में चक्की पिसवा सकती है. देशद्रोही बना सकती है. तो इन सभी सवालोंके जवाब और नकली नोटों की पूरी कहानी बताएंगे. आज के मास्टरक्लास में...- सवाल- मुद्रा या करेंसी क्या है?- इसकी जरूरत क्यों पड़ी?- नोट छापता कौन है?- नोट छापने में कितना खर्च आता है?- नोटों की डिजाइनिंग, रंग और लंबाई-चौड़ाई कौन तय करता है?