अखबार, टीवी, सोशल मीडिया...यहां तक कि चुनावी रैलियों और नेताओं के भाषण में एकचीज का जिक्र हम सब अक्सर सुनते रहते हैं. फलां क्षेत्र में इस जाति समूह के इतनेलोग हैं, उस जाति के इतने लोग. किसे मिला है चुनाव में टिकट और किसका पत्ता गया हैकट, जैसे तमाम चुनावी समीकरण और गणित इसी गिनती के इर्द-गिर्द होते हैं. कभी आपनेसोचा कि ये गिनती आई कहां से? कैसे पता चला कि किस क्षेत्र में कौन से समुदाय केलोग ज्यादा हैं और किस समुदाय के लोग कम? और कब हुई थी ये गिनती?